आईसीटी-1 ने सोशल मीडिया से आपत्तिजनक फोटो और टिप्पणियां हटाने का आदेश
ढाका : (Dhaka) अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना (ousted Prime Minister Sheikh Hasina) व अन्य को मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए सजा सुनाने वाले बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-1 (आईसीटी-1) (International Crimes Tribunal-1 (ICT-1)) के जजों पर तमाम लोगों ने सोशल मीडिया पर निशाना साधा है। आईसीटी-1 ने पिछले दिनों अपने फैसले में हसीना को मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद सोशल मीडिया इन जजों के खिलाफ टिप्पणियों की बाढ़ आ गई। कई ने तो जजों के फोटो अपलोड कर अभद्र संदेश लिखे। आईसीटी-1 ने ऐसे फोटो और टिप्पणियों को हटाने का आदेश अंतरिम सरकार को दिया है।
ढाका ट्रिब्यून अखबार (Dhaka Tribune newspaper) की रिपोर्ट के अनुसार आईसीटी-1 ने ऐसे फोटो और टिप्पणियां हटाने का आदेश दिया है। आईसीटी-1 ने बीटीआरसी के चेयरमैन और सूचना सचिव को आदेश दिया है कि वह तीन दिसंबर तक इस संबंध में रिपोर्ट जमा करें। न्यायाधिकरण ने कहा कि ऐसे संदेश अखबारों और न्यूज चैनलों से भी हटवाए जाएं। यह आदेश आज न्यायाधिकरण के मुख्य न्यायाधीश गुलाम मुर्तुजा मजूमदार की अगुवाई वाली दो सदस्यों वाली पीठ ने दिए। सनद रह् 13 नवंबर को, न्यायाधिकरण ने इस मामले में शेख हसीना और एक अन्य को मौत की सजा और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को पांच साल जेल की सजा सुनाई थी।
न्यायाधिकरण ने कहा कि बोलने की आजादी एक बुनियादी अधिकार है, लेकिन इसका इस्तेमाल मौजूदा कानूनों के दायरे में और निजी हमला किए बिना किया जाना चाहिए। इसके अलावा न्यायाधिकरण ने आज सुबह टास्क फोर्स इंट्रोगेशन सेल और जॉइंट इंट्रोगेशन सेल (Task Force Interrogation Cell and the Joint Interrogation Cell) में कथित उत्पीड़न और जबरन गायब करने से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के दो मामलों की सुनवाई की। इन मामलों में पूर्व और मौजूदा सैन्य अधिकारियों के अलावा अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को आरोपी बनाया गया है। दोनों मामलों में अब तक 13 सैन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।


