ढाका (बांग्लादेश) : (Dhaka) देश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना (Prime Minister Sheikh Hasina) सहित 47 लोगों के खिलाफ दर्ज तीन मामलों में मंगलवार को दो विभागों के सात अधिकारियों ने गवाही दी। यह केस राजुक पुर्बाचल न्यू टाउन परियोजना के भूखंडों के आवंटन में अनियमितता से संबंधित हैं।
ढाका ट्रिब्यून अखबार की खबर के अनुसार भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (Anti-Corruption Commission) (ACC) के उप निदेशक धीरज चंद्र बर्मन और महबूबुर रहमान, एसीसी के सहायक निदेशक अशीम शील, उल्लाश चौधरी और सौरव दास, आवास और लोक निर्माण मंत्रालय की प्रशासनिक अधिकारी अख्तर जहां और उनके कार्यालय सहायक शफीकुल इस्लाम ने अपने-अपने बयान दर्ज कराये हैं।
इस मामले में धीरज चंद्र बर्मन, महबुबुर रहमान, आशिम शील, उल्लास चौधरी, अख्तर जहां और शफीकुल इस्लाम ने हसीना सहित 12 लोगों के खिलाफ गवाही दी। इसके अलावा महबुबुर रहमान, आशिम शील, उल्लास चौधरी, अख्तर जहां और शफीकुल इस्लाम ने हसीना और उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय सहित 17 लोगों के खिलाफ मामले में अपनी गवाही दी। इसके अलावा महबुबुर रहमान, सौरव दास, आशिम शील, उल्लास चौधरी, अख्तर जहां और शफीकुल इस्लाम ने हसीना और उनकी बेटी साइमा वाजेद पुतुल सहित 18 के खिलाफ मामले में गवाही दी। इसके बाद न्यायाधीश मोहम्मद अब्दुल्ला अल मामून (Judge Mohammad Abdullah Al Mamun) ने तीनों मामलों की सुनवाई 2 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले 11 अगस्त को तीनों मामलों के वादी ने ढाका विशेष न्यायाधीश कोर्ट-5 में अपने बयान दर्ज कराए थे। अदालत ने 31 जुलाई को इन मामलों में आरोप तय किए। साथ ही आरोपितों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किए थे।


