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Dehradun : साठ के दशक से एमपैक्स के 31 हजार से अधिक मृतक बकायेदार किसानों का ब्याज होगा माफ

देहरादून: (Dehradun) साठ के दशक से एमपैक्स के 31 हजार से अधिक मृतक बकायेदार किसानों का 49 करोड़ का ब्याज माफ किया जाएगा। इन बकायादारों के परिजनों से मूलधन 30 सितम्बर तक जमा करने की तिथि तय की गई है।शनिवार को राज्य समेकित विकास परियोजना निदेशालय राजपुर रोड पर प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सहकारी समितियों के मृतक बकायेदारों के आश्रितों लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इस दौरान मंत्री ने मूलधन के लिए ओटीएस स्कीम का भी शुभारंभ किया। एमपैक्स के 31221 मृतक बकायादार किसानों के 74 करोड़ 18 लाख 28 हजार मूलधन का ब्याज 49 करोड़ 22 लाख 67 हजार रुपये माफ किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मूल धन 74 करोड़ 18 लाख 28 हज़ार रुपये 30 सितंबर तक मृतकों के आश्रितों जमा कर सकेंगे। एमपैक्स में पहली बार आज ओटीएम स्कीम का शुभारंभ किया गया है। जिन मृतक बकायादार के वारिस, रिश्तेदार इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक होंगे, वे मूल बकाया की राशि को जमा करने पर उनके खाते में लगा ब्याज 100 प्रतिशत माफ़ किया जाएगा।

डॉ. रावत ने कहा कि सहकारिता विभाग के अधिकारी सहकारी समितियों में इस एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) पर पिछले 6 माह से काम कर रहे हैं। अधिकारियों ने मृतक बकायेदारों के परिजनों से इस बारे में बात की थी, जिसमें सरकार ने ब्याज माफी का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस ब्याज को जिला सहकारी बैंक 40 फीसद और सहकारी समितियां 60 फीसद वहन करेंगी।

सहकारिता मंत्री डॉ रावत ने कहा कि ऐसी समितियां चुनाव में डिफॉल्टर हो जाती थीं। उनका प्रयास है कि सभी समितियों में पारदर्शिता से चुनाव हो। सहकारिता विभाग का लक्ष्य है कि सहकारिता विभाग इस बार 2 लाख नए सहकारी सदस्य बनाएगा।

उन्होंने कहा कि, प्रदेश में 12 लाख कुल सहकारी सदस्य हैं और जब से उन्होंने सहकारिता विभाग का कार्यभार संभाला है तब से 5 लाख नए सदस्य बनाये गए हैं। 2 लाख नए सदस्य बनने के लिए 8010576576 टोल फ्री नंबर मंत्री ने जारी किया। इस नंबर पर मिस कॉल कर नये सहकारी सदस्य बन सकते हैं और 108 समितियों में शुल्क जमा कराकर भी नए सदस्य बन सकते हैं। 4000 लोग ऑनलाइन सदस्य बन चुके हैं और 2000 लोग समितियों में जाकर सदस्य बने हैं। यह अभियान 50 दिन तक चलेगा। सभी 670 सहकारी समितियों को चुनाव लायक बनाया जाएगा। ईमानदारी और पारदर्शिता से चुनाव कराए जाएंगे।

मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय का विजन है कि लोकल से ग्लोबल तक गांव स्तर पर एमपैक्स से लेकर प्रदेश और देश तक सभी जुड़ेंगे। को-ओपरेटिव अब राष्ट्रीय नीति से संचालित होगा, केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय पूरे देश के लिए नया बायलॉज बना रहा है। 22 राज्यों ने इसकी सहमति दे दी है। मॉडल बायलॉज बनने से सहकारिता में और पारदर्शिता आएगी और गांव के किसानों को सीधे लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह सहकारिता क्षेत्रों को चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने परिवारवाद से किसानवाद पर ले जाने का लक्ष्य दिया है, जिस पर हम लोग काम कर रहे हैं। सहकारिता का देश में नया विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है। इसमें सहकारिता से संबंधित ट्रेनिंग और रिसर्च होंगी।सहकारिता के निबन्धक आलोक कुमार पांडेय ने कहा कि प्रदेश में पहली बार विभागीय मंत्री के निर्देश पर सहकारिता विभाग सहकारी समितियों में बकायेदार मृतकों के आश्रितों के लिए ओटीएस स्कीम लाई जा रही है, जिसमें आश्रितों को ब्याज माफी और मूल धन जामा करने की छूट प्रदान की है।

इस मौके पर सहकारिता विभाग के निबंधक आलोक कुमार पांडेय, डिस्ट्रिक कोऑपरेटिव बैंक टिहरी गढ़वाल के चेयरमैन सुभाष रमोला, राज्य सहकारी बैंक के निदेशक मनोज पटवाल, अपर निबंधक ईरा उप्रेती, अप निबंधक आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक एमपी त्रिपाठी, उपनिबंधक रामिन्द्री मंद्रवाल, उप परियोजना निदेशक राजेश चौहान आदि अधिकारी मौजूद थे।

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