देहरादून : (Dehradun) उत्तराखंड में एक बार फिर बारिश ने कहर मचाया है। रुद्रप्रयाग और चमोली (Rudraprayag and Chamoli) में बादल फटने से भारी तबाही मची है। इस घटना में कई लोगों के फंसे एवं लापता होने की जानकारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने राहत एवं बचाव कार्य के प्रभावी संचालन के लिए निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड में लगातार मूसलाधार बारिश से नुकसान बढ़ता जा रहा है। गुरुवार सुबह से लगातार बारिश के चलते देर रात चमोली जिले के देवाल तहसील के गांव मोपाटा में अतिवृष्टि के बाद बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए। बाढ़ के साथ आए मलबे में मोपाटा गांव के तारा सिंह और उनकी पत्नी (Tara Singh and his wife) लापता बताए जा रहे हैं जबकि इसी गांव के विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हैं। इसके आवास गौशालाओं पर भी बारिश कहर बनकर बरसी। बताया जा जा रहा है कि मलबे में 15 से 20 जानवर दब गए। इसके अलावा रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार उप तहसील और जखोली ब्लॉक के अलग-अलग क्षेत्रों में अतिवृष्टि ने तबाही मचाई है। जखोली ब्लाक का छेनागाड़ बाजार पूरी तरह से तबाह हो गया है। यहां 18 से 20 लोगों के लापता होने की सूचना है। साथ ही जखोली ब्लॉक के किमाणा-दानकोट में भी बादल फटने से सम्पतियों को नुकसान हुआ है। खटोली गांव और बड़ेथ गांव में प्राचीन मंदिर भी ध्वस्त हो गए हैं।
रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार (Rudraprayag District Disaster Management Officer Nandan Singh Rajwar) ने बताया कि घटनाओं की पूरी जानकारी ली जा रही है। अतिवृष्टि से मयाली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Chief Minister Pushkar Singh Dhami) ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक और जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने के कारण मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुःखद समाचार मिला है। स्थानीय प्रशासन को द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। इस संबंध में निरंतर अधिकारियों के संपर्क में हूं। आपदा सचिव और जिलाधिकारियों से बात कर बचाव कार्यों के प्रभावी संचालन के आवश्यक निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा केदार से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।


