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Chennai : तमिलनाडु विधानसभा सत्र शुरू, राज्यपाल ने अभिभाषण का किया बहिष्कार

Chennai: Tamil Nadu Assembly Session Begins, Governor Boycotts Address

चेन्नई : (Chennai) तमिलनाडु विधानसभा (Tamil Nadu Legislative Assembly) का वर्ष 2026 का पहला सत्र आज शुरू हुआ, लेकिन सत्र के पहले ही दिन राज्यपाल और सरकार के बीच विवाद देखने को मिला। राज्यपाल आर.एन. रवि ने इस बार भी अपना अभिभाषण नहीं पढ़ा और विधानसभा की कार्यवाही छोड़कर चले गए। राज्यपाल ने सदन में राष्ट्रगान का अपमान और माइक बार-बार बंद किए जाने का आरोप लगाया।

लोक भवन की ओर से जारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि राज्यपाल के भाषण में कई निराधार आरोप और तथ्यात्मक त्रुटियां थीं। विशेष रूप से 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित जानकारी भ्रामक और असत्य थी। इसी कारण राज्यपाल ने अभिभाषण का बहिष्कार किया।

राज्यपाल के बाहर जाने के बाद अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (Anna Dravida Munnetra Kazhagam) (AIADMK) और भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) (BJP) के विधायकों ने भी वॉकआउट किया। इधर, राज्यपाल के सदन से जाने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सदन में राज्यपाल के खिलाफ खंडन प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा के नियमों के अनुसार सरकार द्वारा प्रदान की गई अभिभाषण की कॉपी में किसी भी प्रकार के बदलाव का अधिकार राज्यपाल को नहीं है। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि देश में राज्यपाल का पद ही समाप्त किया जाना चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष अप्पावु (Assembly Speaker Appavu) ने भी स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार ही वाज़्थु बजाया गया और यह तथ्य राज्यपाल को समझाने के बावजूद उन्होंने वॉकआउट किया। इसके बाद मुख्यमंत्री स्टालिन (Chief Minister Stalin) ने कहा कि राज्यपाल ने जनप्रतिनिधि सदन का अपमान किया है और भविष्य में अन्य राज्यों की पार्टियों के साथ मिलकर संविधान संशोधन के प्रयास किए जाएंगे, ताकि राज्यपाल के अभिभाषण से ही सदन शुरू करने की बाध्यता समाप्त हो।

सदन में प्रस्ताव पारित कर राज्यपाल का अभिभाषण पढ़ा गया माना गया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि केवल राज्यपाल का अभिभाषण ही कार्यवाही में दर्ज होगा और आज की अन्य घटनाओं को रिकॉर्ड में नहीं डाला जाएगा। इसके बावजूद अन्नाद्रमुक और भाजपा के विधायकों (AIADMK and BJP MLAs) ने बाहर जाकर नारेबाजी की और कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब होने का आरोप लगाते हुए विधानसभा परिसर में हंगामा किया। सदन में शांति बनाए रखने के लिए अध्यक्ष की अपील के बावजूद हंगामा जारी रहा, जिसके बाद विपक्षी विधायकों ने सदन से बाहर जाने का निर्णय लिया।

उल्लेखनीय है कि पिछले तीन वर्षों से राष्ट्रगान पहले न बजाने के कारण राज्यपाल लगातार अभिभाषण बहिष्कार कर रहे हैं। इस वर्ष भी उन्होंने राष्ट्रगान को पहले बजाने पर जोर दिया, जबकि विधानसभा नियमों के अनुसार पहले तमिल ताय वाज़्थु बजाया गया। आगामी विधानसभा चुनावों (assembly elections) को ध्यान में रखते हुए यह सत्र राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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