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Chandigarh : सरकार को चूना लगाने वाले अधिकारियों की सपंत्ति होगी अटैच

एसीबी ने पत्र लिखकर मांगी अनुमति
चंडीगढ़: (Chandigarh)
एंटी करप्शन ब्यूरो ने हरियाणा सरकार को पत्र भेजकर ऐसे चार अधिकारियों की प्रॉपर्टी अटैच करने की अनुमति मांगी है, जिन्होंने सरकारी पैसे का गलत इस्तेमाल करते हुए अपनी प्रॉपर्टी बनाई। एसीबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि रेवाड़ी की तत्कालीन एसीआरएस एवं आईसीडीपी की महाप्रबंधक अनु कौशिश वर्ष 2020 से 2022 तक इस पद पर तैनात रहीं। अनु ने आरोपित नितिन शर्मा के साथ षड्यंत्र रचकर आईसीडीपी रेवाड़ी के सरकारी खाते से दो करोड़ रुपये की राशि चेक के माध्यम से जिला केंद्रीय सहकारी बैंक रेवाड़ी के खाते में ट्रांसफर की।

अनु ने नितिन शर्मा के नाम पचास लाख रुपये का चेक भी जारी किया। इसी पैसे से सिरसा जिले के गांव बारासरी में 69 कनाल, पांच मरले कृषि योग्य जमीन अनु कौशिश के नाम पर खरीदी गई। इस जमीन की रजिस्ट्री 30 अगस्त, 2022 को करवाई गई।

एसीबी के अनुसार रामकुमार नामक अधिकारी ने फरीदाबाद में एसीआरएस के पद पर तैनात होते हुए कुरुक्षेत्र के सेक्टर-30 में वर्धमान टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड में 300 वर्गगज का प्लाट खरीदा था। इसकी अदायगी रामकुमार ने अनु कौशिश की तरफ से चार करोड़ रुपये की राशि आईसीडीपी रेवाड़ी के खाते से जिला केंद्रीय सहकारी बैंक रेवाड़ी के खाते में ट्रांसफर करने के साथ फंड को कई जगह घुमाकर अदायगी की। एसीबी ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि योगेंद्र अग्रवाल ने रेवाड़ी में एसीआरएस और आईसीडीपी पद पर रहते हुए लेखाकार सुमित अग्रवाल के साथ मिलकर सरकारी पैसों का गलत इस्तेमाल करते हुए पंचकूला के सटे पंजाब के जीरकपुर में फ्लैट खरीदे। एंटी करप्शन ब्यूरो ने लंबी जांच के बाद चारों अधिकारियों की प्रापर्टी अटैच करने की सिफारिश करते हुए हरियाणा सरकार से आगामी कार्रवाई की मांग की है।

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