मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दीनानगर में नई शुगर मिल और को-जनरेशन प्लांट का उद्घाटन किया
चंडीगढ़ : (Chandigarh) देश भर में गन्ना किसानों को सबसे अधिक भाव देने की परंपरा को बरकरार रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Punjab Chief Minister Bhagwant Singh Mann) ने बुधवार को आगामी पिराई सीजन के लिए गन्ने का भाव बढ़ाकर 416 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा (Rs 416 per quintal for the upcoming crushing season) की है। उन्होंने दीनानगर में नई शुगर मिल और को-जनरेशन प्लांट का उद्घाटन किया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब गन्ने का सबसे अधिक भाव देने वाला देश का पहला राज्य बन गया (Punjab has become the first state in the country to offer the highest price for sugarcane) है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर एक नया मानक स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य के किसानों को देश भर में सबसे अधिक भाव देने से किसानों को बड़ा लाभ होगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब हमेशा से अपने किसानों को देश में गन्ने का सबसे अधिक भाव देता रहा है और उनकी सरकार ने इसे कायम रखा है।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि इस किसान-हितैषी पहल से किसानों, खासकर सीमावर्ती जिलों के किसानों को, जहां गन्ना मुख्य फसल है, बहुत बड़ा फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने गुरदासपुर में नई सहकारी शुगर मिल को जनता को समर्पित किया है, जो राज्य के सहकारी और कृषि-औद्योगिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि 1980 में 1,250 टीसीडी की शुरुआती
पिराई क्षमता से शुरू हुई यह मिल 1987 में बढ़ाकर 2,000 टीसीडी की गई थी और यह चार दशकों से अधिक समय से गन्ना उत्पादकों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 80 लाख क्विंटल गन्ना उत्पादन होता है, जबकि पहले मिल की प्रति सीजन पिराई क्षमता केवल 25 लाख क्विंटल थी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने इस अंतर को पूरी तरह भरने के लिए इसका बड़े स्तर पर आधुनिकीकरण परियोजना शुरू की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई मिल की पिराई क्षमता 5,000 टीसीडी तक बढ़ा दी गई है, जो क्षेत्र में गन्ने की फसल की समय पर और कुशल पिराई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि नया शुगर कॉम्प्लेक्स प्रसंस्करण क्षमता और किसानों की आय बढ़ाते हुए गन्ने का सुचारु उपयोग सुनिश्चित करेगा। इससे चीनी की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ परिवहन लागत भी कम होगी। भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने के साथ-साथ स्थायी राजस्व स्रोत भी पैदा होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंजाब के सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने, ग्रामीण उद्योग को बढ़ावा देने और किसानों की समृद्धि तथा स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि एक अत्याधुनिक सल्फर-रहित रिफाइंड शुगर प्लांट (state-of-the-art sulfur-free refined sugar plant has also been established) भी स्थापित किया गया है, जो प्रीमियम ग्रेड चीनी उत्पादन करने में सक्षम है।


