कलस्टर-लैंड को 25 एकड़ करने का दिया सुझाव
उपमुख्यमंत्री ने ‘पदमा’ योजना की समीक्षा की
चंडीगढ़ : हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ‘पदमा’ स्कीम के तहत राज्य में निवेशकों का झुकाव बढ़ा है, इससे जहां युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी, वहीं प्रदेश में संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
उपमुख्यमंत्री चौटाला यहां ‘पदमा’ की समीक्षा बैठक कर रहे थे। इस बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री अनूप धानक भी उपस्थित थे। उपमुख्यमंत्री चौटाला ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि ‘पदमा’ के तहत जो कलस्टर बनाए जाते हैं, उनकी भूमि की शर्त को 100 एकड़ की बजाए 25 एकड़ कर दिया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक निवेशक इसके लिए आवदेन कर सकें।
उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार ‘पदमा’ (प्रोग्राम टू एक्सीलेरेट डिवलेपमैंट फॉर एमएसएमई एडवान्समैंट) में भी वेंचर कैपिटल फंड स्थापित करेगी ताकि वन ब्लॉक वन प्रोडक्ट के तहत अधिक से अधिक युवा इंटरप्रेन्योर बन सकें। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से बजट में राज्य सरकार ने युवाओं को स्टार्टअप स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 5 करोड़ रुपये तक के लिए 200 करोड़ के वेंचर कैपिटल फंड की योजना बनाई है। ठीक इसी प्रकार ‘पदमा’ के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए भी वेंचर कैपिटल फंड बनाया जाएगा।
चौटाला ने बताया कि केंद्र सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत पदमा स्कीम शुरू की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्लस्टर दृष्टिकोण का लाभ उठाकर और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देकर ब्लॉक स्तर पर सूक्ष्म और लघु उद्यमों को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बजट में भी अगले पांच वर्षों में ‘पदमा’ के लिए एक हजार करोड़ रुपये प्रस्तावित किए हुए हैं, जिससे डिजाइनिंग, ब्रांडिंग, मार्केटिंग और एक्सपोर्ट प्रमोशन स्कीम जैसे नए इनोवेटिव इंसेंटिव पेश किए जाएंगे।
चौटाला ने कहा कि जहां युवाओं को स्टार्टअप स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने तथा अपेक्षित कौशल, व्यक्तित्व और संचार कौशल के साथ युवाओं में उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए इन्क्यूबेशन केंद्रों की स्थापना की जाएगी और बैंकों, वित्तीय संस्थानों और उद्यम पूंजी निधियों से ऋण की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी, वहीं ‘पदमा’ के तहत विशेषकर ग्रामीण युवाओं को इंटरप्रेन्योर बनाया जाएगा।


