
इंडिया ग्राउंड रिपोर्ट डेस्क
चंडीगढ़:(Chandigarh) हरियाणा सरकार (Haryana government) ने उन सभी 11 प्रमुख नालों में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की है जो उपचारित या अनुपचारित जल को यमुना नदी में सीधे छोड़ते हैं। सरकार ने राज्य विधानसभा को यह जानकारी दी।
परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा, ‘‘ इन नालों में प्रदूषण पर नियंत्रण होने से प्रदूषित पानी यमुना नदी में नहीं जाएगा, जिससे आगरा और गुरुग्राम की नहरें निकलती हैं।’’ उन्होंने आगरा और गुरुग्राम नहरों में प्रदूषित पानी के संबंध में एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में यह बात कही।
शर्मा ने बुधवार को सदन को बताया कि हरियाणा सरकार ने इस संबंध में एक समिति का गठन किया है। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम, मेवात, फरीदाबाद और पलवल जिलों के विधायकों को इसका सदस्य व सदस्य सचिव बनाया गया है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को ‘मेंबर कन्वीनर’ (सदस्य संयोजक) बनाया गया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यावरण एवं प्रमुख सचिव सिंचाई को भी सदस्य मनोनीत किया गया है। उन्होंने बताया कि इस समिति की पांच बैठकें हो चुकी हैं।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्य सचिव के स्तर पर इसकी नियमित रुप से समीक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि इस कार्य योजना के लागू होने से पिछले कुछ वर्षों में आगरा नहर के पानी की गुणवत्ता में सुधार आया है।


