बिजनौर : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की न्यायाधीश नीलू मेनवाल ने बुधवार को नजीबाबाद के मुस्सेपुर स्थित आर्य सुगंध संस्थान ( दिव्यांग आश्रम) का निरीक्षण किया। यहां पर बच्चे गंदे कपड़े में और घसीटते हुए मिले। इस मामले में जिला अधिकारी को लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
न्यायाधीश नीलू मेनवाल ने बताया कि संस्थान की प्रधानाचार्य एवं प्रबंधक अनुपस्थित मिले हैं। संस्थान में अवव्यस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। आटे में घुन पाया गया है। यहां पर मौजूद दिव्यांग बच्चे गंदे कपड़ों में घूमते दिखाई दिए। इस पर वहां मौजूद सचिव ने आपत्ति जताई है।
खबर मिलते ही प्रधानाचार्य और प्रबंधक पहुंचे तो उनके सवालों का जवाब नहीं दे सके। प्रबंधक से संस्थान के रजिस्ट्रार अवलोकन के लिए मांगे जाने पर नहीं दिखाया गया। संस्थान में कम्प्यूटर तथा कैमरे भी काम करते नहीं पाये गए। दिव्यांग बच्चे बिना ट्राई साइकिल के जमीन पर घसीटते हुए पाए गए।
संस्थान में मिली अव्यवस्था पर कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आवश्यक कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी,जिला प्रोबेशन अधिकारी व बाल कल्याण समिति को आदेश दिए है। साथ ही इस बारे में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ को भी सूचित करने को कहां गया है। निरीक्षण में बाल कल्याण अधिकारी रुबी गुप्ता भी साथ मौजूद रही |
उल्लेखनीय है कि कई दशकों से संचालित इस संस्थान को सरकार से प्रतिवर्ष लाखों रुपये दिव्यांग बच्चों के पालन पोषण के लिए मिलते हैं। स्थानीय स्तर पर भी अनेक समाज सेवी संस्थाएं समय-समय पर बच्चों के लिए सामग्री भिजवाती है। सम्बन्धित विभाग ने कभी इस आश्रम की वास्तविकता जानने की कोशिश नहीं की विधिक सेवा प्राधिकरण के निरीक्षण में संस्थान की स्थिति स्पष्ट हुई है।


