बीजापुर : (Bijapur) छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले अंतर्गत गंगालूर थाना क्षेत्र के तोड़का गांव में नक्सलियों ने एक बार फिर एक शिक्षादूत कल्लू ताती (Shikshadoot Kallu Tati) (25) की हत्या कर दी है। मृतक गंगालूर क्षेत्र के नेन्द्रा स्कूल में पदस्थ था।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार देर शाम स्कूल से लौटते समय नक्सलियों ने उनका अपहरण कर लिया था और उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतक मूल रूप से तोड़का गांव का निवासी था। नक्सली हत्या से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव (Bijapur SP Jitendra Yadav) ने शनिवार को बताया कि अज्ञात लोगो के द्वारा एक शिक्षादूत की हत्या किये जाने की सूचना प्राप्त हुई है। पुलिस द्वारा घटना की तस्दीकी के लिए बल रवाना किया गया है। घटना की तस्दीकी उपरान्त विस्तृत जानकारी से अवगत कराया जायेगा।
उल्लेखनीय है कि, नक्सलियाें ने सितंबर, 2024 में बीजापुर जिले के दूरस्थ गांव में बमन कश्यप और अनिश राम पोयम को उनके घर से उठाकर जंगल में ले गए और गला घोंटकर हत्या कर दी। उसके शव के पास नक्सलियाें ने पुलिस मुखबिर होने का पर्चा छोड़ा था। इसके बाद 15 जुलाई, 2025 को बीजापुर के फरसेगढ़ थाना क्षेत्र में इंद्रावती नेशनल पार्क के जंगलों में विनोद मड्डे और सुरेश मेटा (Vinod Madde and Suresh Meta) पर पुलिस मुखबिरी का आराेप लगाकर अपहरण के बाद नक्सलियों ने हत्या कर उसके शव जंगल में फेंक दिया। इसी प्रकार नारायणपुर के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के बिनागुंडा गांव में मनेश नरेटी को भी जन अदालत लगाकर हत्या दिया गया। शिक्षादूत मनेश ने 15 अगस्त को नक्सली स्मारक पर तिरंगा फहराया था, जिसे नक्सलियों ने अपने खिलाफ साजिश मान लिया। 27 अगस्त काे बीजापुर-सुकमा जिले की सीमा पर बसे सिलगेर गांव में पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाते हुए नक्सलियाें ने शिक्षादूत लक्ष्मण बारसे (Shikshadoot Laxman Barse) की हत्या कर दी थी। 29 अगस्त काे थाना बीजापुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मनकेली के पटेलपारा निवासी आदिवासी युवक सुरेश कोरसा (27) की नक्सलियों ने अपहरण कर हत्या कर दी थी।
दरअसल, बस्तर क्षेत्र में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान से बौखलाए बचे-खुचे नक्सली निर्दोष शिक्षादूतों को अपना निशाना बना रहे हैं। क्योंकि सरकार इन शिक्षादूतों की मदद से क्षेत्र में आदिवासी बच्चों को शिक्षित करने की कोशिश कर रही है। वहीं नक्सली मुखबिरी के शक में इन शिक्षादूतों की हत्या कर रहे हैं। बस्तर संभाग के दुर्गम और नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय तक स्कूल बंद रहे। ऐसे में शासन ने स्थानीय युवाओं को शिक्षादूत के रूप में नियुक्त कर स्कूलों को पुनः संचालित करने का प्रयास किया। इस वजह से कई गांवों में शिक्षा की लौ फिर से जली है और बच्चे स्कूल लौटने लगे हैं। बंद पड़े स्कूलों के पुनः संचालन के बाद से अब तक नक्सली कुल 7 शिक्षादूतों की हत्या कर चुके हैं।
इसी क्रम में गंगालूर थाना क्षेत्र के तोड़का गांव में नक्सलियों ने बीती रात एक बार फिर एक शिक्षादूत कल्लू ताती की बेरहमी से हत्या कर दी है ।


