बीजापुर : (Bijapur) बस्तर संभाग बीजापुर जिले (Bastar division Bijapur district) में चार दशक से अपनी जड़े जमा चुके नक्सली संगठन के कमजाेर पड़ने से आमने सामने की लड़ाई में लगातार मात खाने के बाद अपनी पुरानी रणनीति काे अपनाते हुए निर्दाेष ग्रामीणाें की हत्या करना एवं प्रेशर आईईडी को अपने वजूद काे बचाने के लिए ढाल बना लिया है। नक्सलियों के प्रेशर आईईडी से सुरक्षा बल के जवानों के साथ-साथ आम नागरिक और बेजुवान जानवर को भी नुकसान पहुंच रहा है। अपने आधार इलाकों में नक्सली प्रेशर आईईडी (pressure IEDs of Naxalites) लगाकर अब आम नागरिकों की जान भी ले रहे हैं। बीजापुर जिले में इसी वर्ष 2025 में अब तक आईईडी विस्फोट की घटनाओं में 39 जवान घायल हुए हैं, 12 जवान बलिदान हुए हैं। वहीं 8 आम नागरिक भी मारे गए एवं 2 घायल हुए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार नक्सली आईईडी विस्फोट के कई तरीके अपनाते हैं। वे रिमोट कंटोल, इंफ्रारेड या मैग्नेटिक टिगर्स का इस्तेमाल करते हैं। प्रेशर- सेंसिटिव बार्स या टिप वायर (pressure-sensitive bars or tip wire) का भी इस्तेमाल करते हैं। कई बार नक्सली सड़क किनारे तार की मदद से आईईडी को बिछाते हैं। विदित हाे कि बीजापुर में इसी साल नक्सलियों की तरफ से की गई बारूदी विस्फोट की वारदात में 9 जवान बलिदान हो गए थे।
बीजापुर एएसपी नक्सल ऑपरेशन रविद्र कुमार मीणा (Bijapur ASP Naxal Operation Ravindra Kumar Meena) का कहना है कि हाल में प्रेशर आईईडी की काफी घटनाएं सामने आई हैं। चूंकि नक्सली इतने सक्षम नहीं है कि वे आमने-सामने की लड़ाई लड़ सके । इसलिए आईईडी लगाने जैसी कायराना हरकतें कर रहे हैं, जिसमें सिविलियनों को भी नुकसान हो रहा है। हालांकि नक्सलियों की इन हरकतों को ध्यान में रखकर आगे सुरक्षाबल भी आईईडी ग्रस्त इलाकों की मैपिंग कर पूरे इलाके काे सेनेटाइज्ड कर सुरक्षित आगे बढ़ती रहेगी।


