भोपाल : मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटे प्रदेश के दोनों प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी जुबानी जंग अब पोस्टर पॉलिटिक्स में बदल गई है। शुक्रवार सुबह भोपाल में ‘कमलनाथ वॉन्टेड’ लिखे पोस्टर नजर आए। इसके बाद शाम को भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ पोस्टर लग गए। इन पर लिखा है- शिवराज नहीं, घोटाला राज।
भोपाल के पांच नम्बर बस स्टॉप के पास मुख्यमंत्री चौहान के पोस्टर लगाए गए हैं, जिन पर लिखा है कि शिवराज के 18 साल..घपले और घोटालों की भरमार। इस मामले में फिलहाल भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इससे पहले शुक्रवार सुबह शहर के मनीषा मार्केट क्षेत्र में लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के पोस्टर लगे देखे, जिनमें उन्हें वांछित बताया गया है। पोस्टर में क्यूआर कोड भी दिया गया है, जिससे मोबाइल एप से स्कैन करने पर कमलनाथ सरकार में हुए 15 महीने में हुए घोटालों की जानकारी दी गई है। इस तरह के पोस्टर रीवा में भी लगाए गए हैं। रीवा जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट रोड से लेकर कालेज चौराहा तक जगह-जगह इस तरह के पोस्टर लगे हुए हैं।
इस मामले में कांग्रेस का कहना है कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा अपना वास्तविक चरित्र दिखाने लगी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक्शन लें, अगर एक्शन नहीं लेते हैं, तो यह साफ हो जाएगा कि ये उनके इशारे पर हुआ है।
इस मामले में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने एक बयान जारी कर कहा कि पोस्टर कांड से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। किसने यह पोस्टर लगाए, यह कमलनाथ जी बता सकते हैं।
इस मामले में कांग्रेस नेता भोपाल के चूना भट्टी थाने पहुंचे। यहां भोपाल दक्षिण-पश्चिम से कांग्रेस विधायक व पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने पुलिस कौ आवेदन सौंपा। पुलिस द्वारा एफआईआर नहीं लिखने पर कांग्रेस नेताओं ने थाने में हंगामा कर दिया। इसके बाद वे थाने में ही धरने पर बैठ गए। हालांकि, पुलिस ने मामले में जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही।
इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि ’47 साल के राजनैतिक जीवन में मेरे ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा। आज ये पोस्टर लगा रहे हैं। भाजपा का एक-एक नेता भ्रष्टाचार में लिप्त है। आज इनके पास मेरे लिए कुछ कहने को बचा नहीं। जनता मेरी गवाह है। मुझे भाजपा से सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। जनता फैसला करेगी।’
अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पोस्टर भी शहर में लग गए हैं। इसके बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि देश की नंबर वन स्मार्ट सिटी का खिताब पा चुके भोपाल में जहां चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी की निगरानी है, वहां आखिर कौन खुलेआम मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ इतने पोस्टर चिपका गया।


