तीन झोलाछाप डॉक्टरों को जेल में भेज दिया गया
भिवंडी : बिना किसी मेडिकल डिग्री दवाखाना चला रहे बोगस डॉक्टरों की अब खैर नहीं है। भिवंडी मनपा आयुक्त व प्रशासक विजय कुमार म्हसाल ने झोला छाप डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश मनपा स्वास्थ्य विभाग को दिया है। जिसके बाद उक्त विभाग ने कार्रवाई करते हुए स्थानीय कामतघर इलाके के तीन झोलाछाप डॉक्टरों को जेल में भेज दिया है, जबकि पिछले एक सप्ताह पांच बोगस डॉक्टरों पर नकेल कसा जा चुका है। जिसके बाद बोगस डॉक्टरों में दहसत फैल गया है। भिवंडी के 32 स्लम झोपड़पट्टीयों में बड़े तादात में बोगस झोलाछाप डॉक्टर दवाखाना खोलकर बीमार गरीबों को इलाज के नाम पर जमकर लूट रहे हैं। इन डॉक्टरों के पास किसी भी प्रकार का कोई वैद्यकीय प्रमाण पत्र नहीं है।
इसके बावजूद उक्त डॉक्टर बेखौफ होकर दवाखाना चला रहे हैं। इन डॉक्टरों के अनुभवहीनता व अज्ञानता के कारण या तो पेशेंट मर जाता है अथवा सीरियस हो जाता है। शहर में दवा के नाम पर वसूली कर डॉक्टर मालामाल हो रहे हैं।वहीं आम जनता बीमारी के बाद इलाज करते-करते कंगाल होते जा रहे हैं। हाल ही में स्थानीय हमाल पाड़ा इलाके में फर्जी डॉक्टर के उपचार से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिसके बाद मनपा स्वास्थ्य विभाग द्वारा उक्त मामले में बोगस पति पत्नी डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था।
कार्रवाई के लिए आयुक्त ने दिया मनपा स्वास्थ्य विभाग को निर्देश
प्रशासक व आयुक्त विजय कुमार म्हसाल ने मनपा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फर्जी व झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ नकेल कसने के लिए निर्देश जारी किया है, जिसके बाद चिकित्सा अधिकारी डा. जयवंत धुले व उनकी टीम ने स्थानीय गणेशनगर के लक्ष्मीनारायण रामचंद्र इगा, भाग्यनगर के नरेश बालकृष्ण चापड़े व साहेबलाल हरिनाथ वर्मा के खिलाफ महाराष्ट्र मेडिकल प्रोफेशन एक्ट 1961 की धारा 33, 36 तथा भादंवि की धारा 420 के तहत भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया। जिसके बाद पुलिस ने तीनों बोगस डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया है, जो बिना किसी मेडिकल डिग्री या लाइसेंस के नागरिकों का इलाज कर रहे हैं। मनपा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीनों के वैद्यकिय उपकरण, दवाईयां जब्त कर लिया है।


