विनय दूबे
भाईंदर : (Bhayander) परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक (Transport Minister Pratap Sarnaik) के मार्गदर्शन में मीरा-भाईंदर शहर के जे.पी. नार्थ परिसर में 24 से 28 दिसंबर तक आयोजित शिव महापुराण कथा (Shiva Mahapuran Katha, held from December 24th to 28th at the J.P. North Campus in Mira-Bhayander) ने पूरे शहर को शिव भक्ति और सनातन आस्था के रंग में रंग दिया है। कथावाचक भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा (Bhagwat Bhushan Pandit Pradeep Mishra) के मुख से निकली शिव नाम की अमृतधारा में डुबकी लगाकर कथा श्रवण करने के लिए लाखों शिव भक्त उमड़ पड़े। मिली जानकारी के अनुसार कथा के पहले ही दिन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र “हर हर महादेव” के जयघोष से शिवमय हो उठा।
कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि शिव महापुराण का श्रवण स्वयं महादेव की असीम कृपा से ही संभव होता है। भगवान शिव अनादि और अनंत हैं, जिनमें त्रिकाल समाहित है, इसलिए वे महाकाल कहलाते हैं। वे भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाले आशुतोष भी हैं और संहार के अधिपति भी। उनका त्रिशूल सृष्टि, स्थिति और संहार के साथ-साथ इच्छा, ज्ञान और क्रिया—इन तीनों शक्तियों का प्रतीक है। माया और अज्ञान का नाश कर ज्ञान प्रदान करने वाले महाकाल शिव स्वयं में पूर्ण हैं।
पंडित प्रदीप मिश्रा अपनी कथाओं के माध्यम से जीवन को सकारात्मक दिशा देने का संदेश देते हैं। शिव महापुराण कथा के जरिए वे देवाधिदेव महादेव की महिमा, उनकी लीलाओं और विविध रूपों का वर्णन करते हुए शिव भक्ति के माध्यम से जीवन में सुख, शांति और मनोकामना पूर्ति के उपाय भी बताते हैं। यही कारण है कि उनकी कथा सुनने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।
इस अवसर पर परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि शिव महापुराण कथा से मीरा-भाईंदर शहर सनातन धर्म और शिव भक्ति के रंगों में रंग गया है। यह आयोजन समाज में एकता, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करने वाला है। शहर की धार्मिक पहचान में यह एक नया अध्याय जोड़ता है। पंडित प्रदीप मिश्रा के मुख से शिव महापुराण कथा का श्रवण करना न केवल मेरा, बल्कि सभी शिव भक्तों का सौभाग्य है।


