
भायंदर : उत्तन स्थित राई मूर्धा गांव में ठाणे जिला परिषद पशुवैद्यकीय दवाखाना कई वर्षो से असुविधाओं के आभाव से बंद पड़ा है। ग्रामिणों द्वारा कई बार मांग करने के बाद किसी तरह मनपा द्वारा वर्ष 2018 में इस दवाखाना को शुरू करने के लिए 21,35,950 रुपए खर्च कर दवाखाना की दशा जस की तस बनी रही।
आखिरकार केवल पैसों की बर्बादी कर ग्रामिणों को लाॅलीपाॅप दिखाकर पशुचिकित्सालय सारी सुविधाओं के बीना ही पशुवैद्यकीय दवाखाना बंद पड़ा हुआ था।
बताया जाता है कि यह दवाखाना राई मुर्धा में ब्रिटिसकालिन जमाने से बना हुआ है। लेकिन इस दवाखाना का दुर्भाग्य है कि राज्य सरकार व मनपा प्रशासन का इस दवाखाना पर किसी का ध्यान नहीं होने के कारण पशु चिकित्सा के अभाव में ही तड़पकर मर जाते थे। गांव के एक समाजसेवी श्रेयस सांवत द्वारा पशुवैद्यकीय विभाग में शिकायकत करने के बाद ठाणे जिला पशुचिकित्सा अधिकारी डाॅ. समीर तोडणकर व उनकी टीम मंगलवार को राईमुर्धा गांव में स्थित पशुवैद्यकीय दवाखाना का दौरा किया। अधिकारियों ने पाया कि बंद पड़े दवाखाना कई असुविधाओं के कारण बंद पड़ा है। इस दवाखाना की दुर्दशा देखकर अधिकारियों ने पशुओं कि चिकित्सा के लिए एक डाॅक्टर की नियुक्ति की गई।
अधिकारियों ने पाया कि वहां दवा, बिजली, पानी की सुविधा नहीं है। इन सारी सुविधाओं को जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन अधिकारियों ने दिया है। इस दौरे के दौरे पर आए अधिकारियों को श्रेयस सावंत व पूर्व नगरसेवक रोहित सुर्वना सहित गांव के निवासियों ने सारी असुविधाओं से अवगत कराया।


