गंज मोक्षधाम में ही अंतिम संस्कार कर रवाना हुए परिजन
बैतूल : सांईखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम जावरा निवासी एक महिला की जहरीला पदार्थ खाने के बाद उपचार के दौरान मंगलवार दोपहर लगभग पौने बारह बजे मौत हो गई। मृतिका के पति के अनुसार उसने अज्ञात कारणों से जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। जबकि मृतक की मां सहित अन्य परिजनोंं ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को जानबूझकर जहर खिलाकर मारा गया है। बेटी की हत्या करने के लिए उसके बच्चों को पीथमपुर में छोड़कर जावरा लाया गया था। बेटी के जहर खाने और मौत होने के बावजूद ससुराल वालों ने उन्हें सूचना तक नहीं दी। दोपहर में गांव के सरपंच ने उन्हें मौत की सूचना दी। जिसके चलते पीएम लगभग 5 घंटे बाद हो पाया। जिला अस्पताल में शाम को पीएम होने के बाद दोनों पक्षों की उपस्थिति में गंज मोक्षधाम में ही मृतिका का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बेहोशी की अवस्था में लाए थे परिजन
सांईखेड़ा थाना क्षेत्र के जावरा निवासी दीपिका कापसे पति राजेन्द्र (राजू) कापसे को परिजन मंगलवार सुबह लगभग सवा दस बजे बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल लेकर आए। पति राजेन्द्र कापसे ने बताया कि दीपिका ने अज्ञात कारणों के चलते जहरीला पदार्थ खा लिया है। मंगलवार सुबह दीपिका ने उसे चाय बनाकर दी। चाय पीने के बाद वह गांव में चला गया। कुछ देर बाद वापस आया तो दीपिका सोई थी। उसने उठाने का प्रयास किया तो बोला कि दोनों बेटियों का ध्यान रखना। कुछ देर बाद वह बेहोश हो गई। वह अपने परिजनों और मोहल्ले वालों के साथ उसे जिला अस्पताल लेकर आया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान लगभग पौने बारह बजे उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद दी मायके पक्ष को सूचना
जिला अस्पताल में लगभग पौने बारह बजे दीपिका की मौत होने तक भी परिजनों ने दीपिका के माता-पिता को इसकी सूचना नहीं दी। पुलिस ने सांईखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम छिंदखेड़ा के सरपंच को फोन कर दीपिका की मौत की सूचना दी। सरपंच ने दीपिका के माता-पिता को लगभग साढ़े बारह बजे सूचना दी तब तक दीपिका का शव शवगृह में रखवा दिया गया था। दीपिका के माता-पिता के आने के बाद शाम लगभग 5 बजे दीपिका का पीएम किया गया।
शादी के बाद से परेशान करते थे परिजन
दीपिका की मां कुसुम गायकवाड़ ने बताया कि दीपिका का विवाह लगभग 12 साल पहले जावरा निवासी राजेन्द्र कापसे के साथ हुआ था। शादी के समय ही कम दहेज के कारण ससुराल पक्ष दहेज छोड़कर चला गया था। शादी के बाद दीपिका और उसका पति पीथमपुर में रहने के लिए चले गए थे। तब उन्होंने दहेज का सामान पीथमपुर पहुंचाया था। शादी के बाद उसका पति दीपिका को दहेज लाने मायके भेजता था। उन्होंने मकान बनाने के लिए छह लाख रूपए भी दिए। इसके बावजूद आए दिन रूपयों की मांग करता था।
हत्या करने पीथमपुर से लाया जावरा
कुसुमबाई ने बताया दीपिका की दो बेटी है। बड़ी बेटी 11 साल और छोटी बेटी 8 साल की है। सभी पीथमपुर में ही रहते हैं। लगभग 15 दिन पहले दीपिका को गांव में पूजा करने के बहाने पीथमपुर से जावरा लाया था। दीपिका की दोनों बेटी को पीथमपुर में ही छोड़ दिया था। यहां लाकर ससुराल वालों ने उसे जहरीला पदार्थ खिलाकर हत्या कर दी। हमें इसकी सूचना तक नहीं दी गई। दीपिका की मौत के बाद सरपंच ने दोपहर लगभग साढ़े बारह बजे हमें सूचना दी तब हम अस्पताल आए। मायके पक्ष ने दीपिका का शव जावरा ले जाने से मना कर दिया। इसके बाद गंज मोक्षधाम में ही मंगलवार शाम को दीपिका का अंतिम संस्कार किया गया। दीपिका की मां ने उसकी बेटी की हत्या करने की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल अस्पताल चौकी में मर्ग कायम कर डायरी सांईखेड़ा थाना भेजी जाएगी। मामले की जांच सांईखेड़ा पुलिस द्वारा की जाएगी।


