
बेंगलुरु : (Bengaluru) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के विकेटकीपर-बल्लेबाज जितेश शर्मा (Royal Challengers Bengaluru wicketkeeper-batter Jitesh Sharma) ने साफ कर दिया है कि टीम का लक्ष्य सिर्फ एक खिताब जीतना नहीं, बल्कि लंबे समय तक दबदबा कायम करना है। आरसीबी पॉडकास्ट (RCB Podcast) पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले सीजन की सफलता टीम के लिए नई शुरुआत है।
जितेश ने कहा, “यह एक साल की बात नहीं है। हम यहां दबदबा बनाने आए हैं। मैं यह साबित करना चाहता हूं कि पिछले सीजन में जो हुआ वह कोई एक बार की बात नहीं थी।” पिछले सीजन में आरसीबी की ऐतिहासिक खिताबी जीत को याद करते हुए जितेश ने इसे अपने करियर का सबसे खास पल बताया।
उन्होंने कहा, “आरसीबी के लिए पहला खिताब जीतना एक जादुई एहसास था। सबसे बड़ी खुशी इस बात की थी कि मैं उसमें योगदान दे सका। यह पल हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगा।” जितेश शर्मा (Jitesh Sharma) ने अपने निजी जीवन के मुश्किल दौर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिता के निधन का दर्द आज भी उनके साथ है।
उन्होंने कहा, “जब आप अपने पिता को खोते हैं, तो वह खालीपन कभी नहीं भरता। मैं इसे भूलने की कोशिश नहीं कर रहा हूं, बल्कि उस भावना को अपने साथ लेकर आगे बढ़ रहा हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि उनके पिता ने उन्हें भारत के लिए खेलते और आरसीबी के लिए ट्रॉफी जीतते देखा।
जितेश ने अपने खेल और मानसिक मजबूती का श्रेय दिनेश कार्तिक को दिया। उन्होंने कहा कि कार्तिक ने उन्हें न सिर्फ तकनीकी रूप से बेहतर बनाया, बल्कि मुश्किल समय में सही सलाह भी दी।
उन्होंने कहा, “डीके अन्ना ने मुझे अपने खेल को समझने और मानसिक रूप से मजबूत बनने में काफी मदद की। उन्होंने मुझे कुछ समय के लिए ब्रेक लेकर परिवार के साथ समय बिताने की सलाह दी, जिससे मैं खुद को फिर से संभाल पाया।”
जितेश ने कहा कि अब वह खुद को सिर्फ विकेटकीपर के रूप में नहीं देखते, बल्कि टीम के लिए एक फिनिशर और फील्डर की भूमिका भी निभाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मेरा काम है टीम में जगह बनाना, चाहे जो भी भूमिका मिले। अब मैं खुद को एक ऑलराउंड योगदान देने वाले खिलाड़ी के रूप में देखता हूं।” भारतीय टीम में वापसी को लेकर जितेश ने कहा कि यह उनका सबसे बड़ा सपना है।
उन्होंने कहा, “भारत के लिए खेलना मेरा अंतिम लक्ष्य है। मुझे लगता है कि मैंने अपना काम किया है और अब मुझे अगले मौके के लिए तैयार रहना है।” पिछले सीजन के फाइनल में 10 गेंदों पर 24 रन की अहम पारी खेलने वाले जितेश ने उस मैच के आखिरी ओवर को याद करते हुए कहा, “वह छह गेंदें मेरी जिंदगी की सबसे लंबी गेंदें थीं। हम उस जीत को बहुत ज्यादा चाहते थे।”
डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में नए सीजन में उतर रही आरसीबी को लेकर जितेश ने कहा कि टीम हर चुनौती के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “इस सीजन में टीमें हमारे खिलाफ और ज्यादा आक्रामक होंगी, और मुझे यह पसंद है। मैं चाहता हूं कि लोग हम पर दबाव डालें, क्योंकि हम भी पूरी ताकत से जवाब देंगे।”


