spot_img

Baghpat : ‘भारत जोड़ो यात्रा’ : उत्तर प्रदेश में सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब

Baghpat: 'Bharat Jodo Yatra': People gathered on the streets in Uttar Pradesh

बागपत: (Baghpat) कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित मवीकलां में रात्रि विश्राम के बाद बुधवार सुबह छह बजे पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में फिर शुरू हुई। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के जिलाध्यक्ष की अगुवाई में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी इस यात्रा में हिस्सा लिया।कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने बताया कि राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सुबह दिल्ली से मवीकलां पहुंचे और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक यात्रा छह बजे से एक बार फिर शुरू की गई।हालांकि, प्रियंका सुबह यात्रा में शामिल नहीं हुईं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उनके अपराह्न में यात्रा से जुड़ने की संभावना है।इस बीच, रालोद के बागपत जिलाध्यक्ष रामपाल धामा समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल हुए। धामा ने बताया कि वह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर अपने साथियों के साथ इस पदयात्रा से जुड़े।इससे पहले, कांग्रेस की तरफ से बताया गया था कि रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी भी यात्रा में हिस्सा लेंगे, मगर रालोद के राष्ट्रीय सचिव अनिल दुबे ने बताया कि जयंत इस समय विदेश में हैं।

कड़ाके की सर्दी के बीच राहुल एक बार फिर सफेद टी-शर्ट पहनकर पदयात्रा करते दिखे। उनके साथ बड़ी संख्या में लोग हाथों में तिरंगे लेकर रवाना हुए। इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बृजलाल खाबरी समेत कई वरिष्ठ नेता भी राहुल के साथ कदमताल करते नजर आए।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा, “उत्तर प्रदेश में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को लेकर लोगों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। जगह-जगह व्यापक जनसमूह ने दिल खोलकर राहुल गांधी का स्वागत किया और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के प्रति समर्थन जताया।”उन्होंने बताया, “बुधवार को विभिन्न किसान संगठनों ने यात्रा के प्रति समर्थन जताया और राहुल गांधी के साथ कदम से कदम मिलाकर चले। इस दौरान सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने भी राहुल से मुलाकात की और अग्निवीर योजना के विरोध में अपनी बात रखी।”

सिंह के मुताबिक, बुधवार को प्रसिद्ध हास्य कलाकार राजीव निगम भी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल हुए। उन्होंने राहुल गांधी के साथ कुछ दूर पदयात्रा की। इस अवसर पर निगम ने कहा, “हम देश को अपने-अपने तरीके से जोड़ने का काम कर रहे हैं। राष्ट्रहित में की जा रही इस यात्रा के लिए शुभकामनाएं।”सिंह ने बताया कि रालोद के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने झंडे लहराकर ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का स्वागत किया और राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए।उन्होंने बताया कि सिविल सोसायटी के लोगों ने भी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शिरकत की और राहुल गांधी से मिलकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। सिविल सोसाइटी में प्रमुख रूप से विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, डॉक्टर एवं अन्य सामाजिक संगठन के सदस्य शामिल हैं।

कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ मंगलवार दोपहर बाद गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर से उत्तर प्रदेश में दाखिल हुई थी। यह यात्रा बागपत से शामली होते हुए बृहस्पतिवार को हरियाणा की ओर रवाना हो जाएगी।कांग्रेस की बागपत जिला इकाई के अध्यक्ष यूनुस चौधरी के मुताबिक, यात्रा बुधवार सुबह मवीकलां गांव से शुरू हुई और दोपहर में गुफा मंदिर पहुंची, जहां पदयात्रियों ने दर्शन और भोजन के वास्ते कुछ समय के लिए विश्राम किया। उन्होंने बताया कि विश्राम के बाद यात्रा सरूरपुर कलां गांव से होते हुए बड़ौत कस्बे में प्रवेश करेगी।चौधरी के अनुसार, राहुल गांधी बड़ौत के छपरौली चुंगी में आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करेंगे। सभा समाप्त होने के बाद यात्रा शामली जिले के लिए रवाना होगी।

गौरतलब है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का सैलाब दिल्ली के कश्मीरी गेट से मंगलवार सुबह रवाना हुआ था। राहुल और प्रियंका मंगलवार को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर से उत्तर प्रदेश में प्रवेश करते समय सात किलोमीटर की पदयात्रा कर दिल्ली लौट गए थे।कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “यात्रा के गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर में दाखिल होने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने सात किलोमीटर लंबी पदयात्रा की थी। इसके बाद वे दिल्ली लौट गए थे।”अचानक वापस जाने का कारण पूछने पर सिद्दीकी ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने यह जरूर कहा कि बुधवार को राहुल और प्रियंका सुबह दिल्ली से सीधे बागपत आएंगे और यात्रा तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगी।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के व्यापक जनसंपर्क अभियान वाली ‘भारत जोड़ो यात्रा’ सात सितंबर 2022 को कन्याकुमारी से शुरू हुई थी और उसके बाद यह अपने पहले चरण में तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली से होकर गुजर चुकी है।उत्तर प्रदेश में लगभग तीन दिन रहेगी और उसके बाद बृहस्पतिवार शाम को हरियाणा के पानीपत में प्रवेश करेगी। इसके बाद यह पंजाब से होते हुए हिमाचल प्रदेश में दाखिल होगी और फिर अगले दिन जम्मू-कश्मीर की तरफ बढ़ेगी, जहां इसका समापन होगा।

जाटलैंड के नाम से पहचाने जाने वाले बागपत और शामली में कांग्रेस की राजनीतिक पकड़ लंबे समय से कमजोर रही है। बागपत लोकसभा क्षेत्र से वर्ष 1996 में आखिरी बार चौधरी अजित सिंह ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था। वहीं, शामली जिले की कैराना लोकसभा सीट से 1984 में अख्तर हसन कांग्रेस से आखिरी बार सांसद चुने गए थे इस तरह बागपत में 27 साल तो कैराना में 39 साल से कांग्रेस को अपनी खोई जमीन नहीं मिल सकी है। अब ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में कांग्रेस को जाटलैंड के बड़े किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के साथ ही राष्ट्रीय लोकदल का साथ मिल

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Explore our articles