
राष्ट्रपति के आगमन पर अयोध्या में दिखा उत्सव जैसा माहौल
एयरपोर्ट से लेकर राम मंदिर तक चहुंओर लहराई ध्वज पताका
अयोध्या : (Ayodhya) चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन (first day of Chaitra Navratri) गुरुवार को अयोध्या में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक वैभव का अद्वितीय संगम देखने को मिला, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Droupadi Murmu) ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विधिवत ‘श्रीराम यंत्र’ (Shri Ram Yantra’) की स्थापना की। अभिजीत मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह स्थापना मंदिर के द्वितीय तल स्थित गर्भगृह में सम्पन्न हुई।
महापौर ने सौंपी अयोध्या नगरी की चाबी
राष्ट्रपति के अयोध्या आगमन पर महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (Maharishi Valmiki International Airport) पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Governor Anandiben Patel and Chief Minister Yogi Adityanath) ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। नगर आगमन पर महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने राष्ट्रपति को ‘नगर की चाबी’ भेंट कर पारंपरिक सम्मान प्रदान किया।
20 सांस्कृतिक मंच और 250 कलाकार
एयरपोर्ट से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक का मार्ग उत्सवी रंग में रंगा नजर आया। रास्ते में बनाए गए लगभग 20 सांस्कृतिक मंचों पर 250 से अधिक कलाकारों ने रामायण आधारित प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। अवधी और भोजपुरी लोकगीत, भजन, रामलीला अंश, झांकियां, शंखनाद और वेदपाठ के साथ पूरे मार्ग पर सांस्कृतिक चेतना की सजीव झलक दिखी।
अयोध्यावासियों ने रास्तेभर की पुष्पवर्षा
राष्ट्रपति के स्वागत में अयोध्यावासियों ने मार्ग के दोनों ओर खड़े होकर पुष्प वर्षा की और जयघोष से वातावरण गुंजायमान कर दिया। जवाब में राष्ट्रपति ने भी लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। पूरे शहर में श्रद्धा, उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा। मंदिर पहुंचने पर राष्ट्रपति ने सबसे पहले रामलला के दर्शन कर पूजा-अर्चना की, इसके बाद ‘श्रीराम यंत्र’ (‘Shri Ram Yantra’) स्थापना की प्रक्रिया पूरी की गई।
श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हुआ परिसर
इस अवसर पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केरल से आईं मां अमृतानंदमयी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि, ट्रस्टी अनिल मिश्रा समेत साधु-संतों और देश-विदेश से आए सात हजार से अधिक श्रद्धालु उपस्थित रहे। यंत्र स्थापना के साथ ही मंदिर परिसर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा।
शंकराचार्य ने दो वर्ष पहले भेजा था श्रीरामयंत्र
उल्लेखनीय है कि यह ‘श्रीराम यंत्र’ दो वर्ष पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती महाराज (jagadguru Shankaracharya Vijayendra Saraswati Maharaj) द्वारा शोभायात्रा के माध्यम से अयोध्या भेजा गया था। वैदिक गणित और ज्यामितीय संरचना पर आधारित यह यंत्र सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इसकी स्थापना से पूर्व नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान भी संपन्न कराया गया।


