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India Ground Report

कविता : पत्नी

थकी हुई - बेहोश - बच्चों के बीचसोई है एक लड़कीजो आधी-आधी रात महकते आम के बौरका जादू महसूस करती थी - मेरे पास,बात...

हे भीम-तू चिरंजीवी है

हे भीमतुझे याद करते हुएरौंगटे खडे होते हैं आज भीतेरे जीवन के पन्ने पढ़ते हुएआज भी शर्मसार होता है देशकि तुझे स्कूल की कक्षा...

मुट्ठी भर चावल

अरे, मेरे प्रताड़ित पुरखोंतुम्हारी स्मृतियाँइस बंजर धरती के सीने परअभी ज़िन्दा हैंअपने हरेपन के साथ तुम्हारी पीठ परचोट के नीले गहरे निशानतुम्हारे साहस और धैर्य...

कव‍िता : अगर मैं न रहूं

अगर मैं न रहूं,तो खुली छोड़ देना बालकनी। वो छोटू खा रहा है संतरे।(देख सकता हूं उसे अपनी बालकनी से) वो कटेरा कर रहा है गेहूं...

बेचता यूं ही नहीं है आदमी ईमान को

अदम गोंडवी बेचता यूं ही नहीं है आदमी ईमान को,भूख ले जाती है ऐसे मोड़ पर इंसान को। सब्र की इक हद भी होती है तवज्जो...

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Mumbai: महाराष्ट्र सरकार वीर सावरकर जयंती को ‘स्वातंत्र्यवीर गौरव दिवस’ के रूप में मनाएगी

मुंबई: (Mumbai) महाराष्ट्र सरकार वीर सावरकर जयंती को 'स्वातंत्र्यवीर...

रोजाना एक कविता : आज पढ़ें जय शंकर प्रसाद की कविता क्या कहती हो ठहरो नारी

क्या कहती हो ठहरो नारीसंकल्प अश्रु-जल-से-अपनेतुम दान कर चुकी...

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