https://youtu.be/IIERDEtlrSU
मन की धूपकब की भटक गई अनजान गलियों मेंमन का हाहाकार स्तब्धभीतर-भीतर कंठ दाब दियाबाहर यह अशोक फूला हैबाहर दूर्वा का मुकुट पहन राह...
https://youtu.be/aHpQifubIjU
घाव तो अनगिन लगेकुछ भरे, कुछ रिसते रहे,पर बान चलने की नहीं छूटी !चाव तो हर क्षण जगेकुछ कफ़न ओढ़े, किरन से सम्बन्ध जोड़े,आस जीवन...
https://youtu.be/OEovp7ZVB7k
आज रात बिस्तर में लेटेसोचा मैंने ध्यान लगाकर,कितने रंग की चीजें खाईंमैंने दिन भर मंगा-मंगाकर।श्वेत रंग का दूध पिया था,पीला मक्खन साथ लिया था।फिर...