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Amethi : 22 साल बाद लौटे साधू की कहानी में मोड़, पिता से बचाने की गुहार

अमेठी : सोशल मीडिया में वायरल एक इमोशनल कहानी में एक नया मोड़ आया है। 22 साल पहले गायब हुआ पिंकू साधू तो बन गया लेकिन अब ख़ुद को बचाने की पिता से गुहार लगा रहा है। जबकि पुत्र के बदले पैसे की डिमांड की जा रही है। असहाय पिता ने इस मामले में पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है।

दरअसल, पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया में एक ख़बर चल रही है जिसमें साधू के वेश में एक नवयुवक सारंगी बजाकर गाना गाता हुआ दिखाई दे रहा है। बगल में बैठी दो महिलाएं फूट-फूट कर रो रही हैं। आसपास गांव की भारी भीड़ जमा है। वीडियो अमेठी जिले के जायस थाना क्षेत्र के खरौली गांव के रहने वाले रतीपाल सिंह के मकान का है। जहां पर 22 वर्ष पूर्व लापता हुए रतीपाल के 11 वर्षीय पुत्र पिंकू सिंह उर्फ अरुण कुमार सिंह अचानक योगी के वेश में आ गए हैं। परिजन उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अब इस घटना में मोड़ आ गया है।

पिंकू को वापस लाने के लिए उसे पिता रतीपाल सिंह से मोटी रकम मांगी जा रही है। पिता रातिपाल ने बताया कि पिंकू को वापस आने के लिए योगी वेश में आये कुछ साधुओं ने उनसे मठ में 3000 साधुओं के भोजन वस्त्र आदि की व्यवस्था हेतु पहले 360 रुपये प्रति साधू की दर से कुल 10 लाख 80 हजार रुपये की मांग की गई,जब इतना पैसा देने में उन्होंने असमर्थता जाहिर की तो उनसे 3लाख 60 हज़ार रुपये देने के की बात की गई।

रतिपाल सिंह ने बताया कि उनसे कहा गया कि यह रकम भुगतान करने के बाद ही उन्हें अपना खोया हुआ पुत्र वापस मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि पैसे की डिमांड गूगल पे के माध्यम से की जा रही है। रतिपाल सिंह ने इस पूरे मामले की शिकायत जायस पुलिस से की है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

पापा हमें छुड़ा लो,पापा हमें वापस बुला लो

रतीपाल सिंह द्वारा खरीद कर दिए गए मोबाइल से नवयुवक साधू बराबर घर के संपर्क में है। फोन पर वह अपने पिता से लगातार कह रहा है कि पापा हमें छुड़ा लो,पापा हमें वापस बुला लो। जिसके लिए वह लगातार पैसे की डिमांड कर रहा है। पिता को वह बताता है कि मैं झारखंड के पारसनाथ में हूं। जबकि उसके मोबाइल का लोकेशन प्रयागराज दिख रहा है।

22 साल बाद लौटा साधू बनकर

27 जनवरी 2024 को साधु के वेश में एक नवयुवक रतीपाल के पैतृक गांव स्थित घर खरौली में पहुंचकर खुद को रतीपाल का खोया हुआ पुत्र पिंकू उर्फ अरुण कुमार सिंह बताया। जब रतिपाल के भतीजे दीपक ने गहराई से जांच की तो उन्हें यकीन हो गया कि यह पिंकू ही है। दिल्ली में रह रहे अपने चाचा रतिपाल को उन्होंने जानकारी दी। रतिपाल और उनकी पत्नी घर आकर 22 साल बाद साधू बनकर आये अपने बेटे की पहचान कर ली।

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