
अंबरनाथ : (Ambernath) अंबरनाथ के ऐतिहासिक प्राचीन शिव मंदिर (historic ancient Shiva temple in Ambernath) के विकास और सौंदर्यीकरण परियोजना के कारण विस्थापित हो रहे 31 भूधारकों के भविष्य को लेकर विवाद गहरा गया है, जिसके विरोध में गुरुवार को प्रहार जनशक्ति पार्टी, राष्ट्र कल्याण पार्टी और शिवसेना (शिंदे गुट) (Prahar Janshakti Party, the Rashtra Kalyan Party, and the Shiv Sena) के नेतृत्व में प्रभावित परिवारों ने नगर परिषद मुख्यालय में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। एडवोकेट स्वप्निल पाटिल, शैलेश तिवारी और अन्य नेताओं ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को पहले सभी प्रभावितों को ‘पात्र’ घोषित कर उनके स्थायी पुनर्वास की लिखित गारंटी देनी चाहिए और जब तक रहने की पुख्ता व्यवस्था नहीं होती, तब तक किसी भी घर पर बुलडोजर नहीं चलना चाहिए। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच नगरसेवक प्रधान पाटील की मध्यस्थता के बाद नपा इंजीनियर तडवी (corporator Pradhan Patil, Municipal Engineer Tadvi) ने आश्वासन दिया कि पुनर्वास के मुद्दे पर हल निकालने के लिए उल्हासनगर और अंबरनाथ नगर परिषद के अधिकारियों की एक संयुक्त बैठक जल्द बुलाई जाएगी, हालांकि आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि बिना व्यवस्था के कार्रवाई की गई तो प्रदर्शन और अधिक उग्र होगा।


