चक्रवात मोंथा से नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से मांगे 2,622 करोड़
अमरावती : (Amaravati) केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव पसुमी बसु (central team led by Pasumi Basu, Joint Secretary, Union Home Ministry) के नेतृत्व में एक केंद्रीय दल ने चक्रवात मोंथा से राज्य में हुए नुकसान की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की। इससे पहले इस केंद्रीय दल ने चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। केंद्रीय दल ने मुख्यमंत्री को चक्रवात के प्रभाव और राज्य की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी दी और राज्य को तत्काल वित्तीय सहायता और अन्य मुद्दों पर चर्चा की।
चक्रवात मोंथा से हुए नुकसान का आकलन करने के केंद्रीय दल ने प्रभावित कोनासीमा, पूर्वी गोदावरी, एलुरु, कृष्णा, प्रकाशम और बापटला जिलों के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया और नुकसान का आकलन किया। दरअसल, राज्य सरकार ने मोंथा से हुए नुकसान की एक अंतरिम रिपोर्ट पहले ही केन्द्र को सौंप दी है। उस रिपोर्ट में मोंथा से राज्य में कुल 5,267 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान व्यक्त किया गया था। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने केंद्र से तत्काल राहत के रूप में 2,622 करोड़ रुपये स्वीकृत करने का अनुरोध किया है।
सरकार ने बताया है कि राज्य के 443 मंडलों के 3,109 गांव इस चक्रवात से प्रभावित हुए हैं। इस भारी बारिश और चक्रवात के कारण लगभग 10 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 9,960 घर पानी में डूब गए और 1.11 लाख परिवार बेघर हो गए हैं। इसके अलावा, चक्रवात और भारी बारिश के कारण 4,566 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। चक्रवात से 1.61 लाख हेक्टेयर की फसलों को नुकसान हुआ है, जिससे 3.27 लाख किसान प्रभावित हुए हैं। सरकार ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कृषि फसलों के साथ-साथ जलीय, पशुपालन और हथकरघा क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। राज्यभर में 4,794 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इलाकों में 12,856 बिजली के खंभे उखड़ गए और 2,318 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। सरकार ने केंद्र को सूचित किया है कि फसलों, सड़कों, घरों और अन्य बुनियादी ढांचे को कुल 6,384 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सरकार की ओर से केंद्रीय दल को बताया गया कि 3.36 लाख परिवारों को तत्काल वित्तीय सहायता के रूप में तीन से पांच हजार रुपये वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि केंद्र से पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलने पर राहत कार्यों में और तेजी लाई जाएगी।


