
आज की सुबह महाराष्ट्र के लिए एक ऐसी त्रासदी लेकर आई जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का एक भीषण विमान हादसे में निधन हो गया है। वे बारामती में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करने के लिए चार्टर्ड प्लेन से निकले थे, लेकिन पुणे के पास आसमान में ही यह हादसा हो गया। इस खबर ने न केवल पवार परिवार और एनसीपी कार्यकर्ताओं को झकझोर दिया है, बल्कि पूरे देश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, अजित पवार का चार्टर्ड विमान पुणे के पास खराब मौसम या तकनीकी खराबी के कारण अनियंत्रित हो गया। चश्मदीदों का कहना है कि विमान लैंडिंग से कुछ समय पहले ही हवा में लड़खड़ाने लगा और देखते ही देखते जमीन पर आ गिरा। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस दुर्घटना ने सुरक्षा मानकों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘लियरजेट 45’ का डरावना इतिहास
जिस विमान में अजित पवार सवार थे, वह ‘Learjet 45’ मॉडल का बिजनेस जेट था। हालांकि यह जेट अपनी लग्जरी और रफ्तार के लिए जाना जाता है, लेकिन इसका सुरक्षा रिकॉर्ड काफी विवादित रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, इस सीरीज के विमानों के साथ वैश्विक स्तर पर लगभग 200 दुर्घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। कनाडाई कंपनी बॉम्बार्डियर एयरोस्पेस ने 2021 में इनका उत्पादन बंद कर दिया था, फिर भी पुराने मॉडल आज भी सेवा में हैं।
आधुनिक तकनीक भी रही नाकाम
Learjet 45 की तकनीकी क्षमताएं बेहद प्रभावशाली हैं। यह $860$ किमी/घंटा की शीर्ष गति से उड़ सकता है और महज 20 मिनट में $41,000$ फीट की ऊंचाई हासिल कर लेता है। एक बार ईंधन भरने पर यह $4,000$ किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इतनी आधुनिक इंजीनियरिंग और दोहरे इंजन वाली सुरक्षा के बावजूद, यह विमान बारामती के करीब मौत का जाल बन गया, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर फिर से बहस छिड़ गई है।
बारामती में शोक और सियासी सन्नाटा
अजित पवार के निधन की खबर मिलते ही उनके पैतृक क्षेत्र बारामती में दुकानें बंद हो गईं और लोग सड़कों पर बिलखते नजर आए। बारामती की जनता के लिए वे केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक अभिभावक की तरह थे। उनके परिवार के सदस्य दिल्ली और मुंबई से बारामती के लिए रवाना हो गए हैं। पूरे राज्य में आज सरकारी शोक की लहर है और सभी राजनीतिक दलों ने अपने चुनावी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।
जांच के घेरे में ‘चार्टर्ड’ उड़ानें
प्रशासन ने इस उच्च-स्तरीय हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की टीम ब्लैक बॉक्स की तलाश कर रही है ताकि दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके। क्या यह पायलट की गलती थी, खराब मौसम का असर या फिर विमान के रखरखाव में कोई बड़ी लापरवाही? इन सवालों के जवाब आने अभी बाकी हैं, लेकिन महाराष्ट्र ने निश्चित ही अपना एक कद्दावर और जमीन से जुड़ा नायक खो दिया है।


