
अहमदाबाद : (Ahmedabad) टीम इंडिया लगातार दूसरी बार टी-20 विश्व कप (T20 World Cup) की ट्रॉफी उठाने से सिर्फ एक जीत दूर है। दुनिया के सबसे बड़े नरेंद्र मोदी स्टेडियम (Narendra Modi Stadium) में रविवार को फाइनल में भारत के सामने न्यूजीलैंड की कठिन चुनौती होगी। दोनों टीमों में से ट्रॉफी कोई भी जीते इतिहास बनना तय है। भारत खिताब का बचाव करने और तीन बार चैंपियन बनने वाला पहला देश बनेगा तो न्यूजीलैंड की टीम पहली बार विश्व विजेता बनेगी।सूर्यकुमार एक कुशल बल्लेबाज और चतुर कप्तान के रूप में अपनी खुद की विरासत बनाने के लिए उत्सुक होंगे। साथ ही नवंबर 2023 में इसी मैदान पर वनडे विश्व कप (ODI World Cup final) के फाइनल में मिले जख्मों पर भी मरहम लगाने की कोशिश करेंगे। टीम ठीक 364 दिन पहले नौ मार्च 2025 को चैंपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड की इसी टीम के खिलाफ मिली जीत से प्रेरणा लेने की भी कोशिश करेंगे। भले ही वह टूर्नामेंट 50 ओवर का था। सूर्यकुमार उस टीम का हिस्सा नहीं थे, लेकिन दुबई में मिली उस एकतरफा जीत से उन्हें हौसला मिल सकता है।
किस्मत का भी चाहिए साथ
फाइनल जीतने के लिए साहस के अलावा किस्मत का साथ भी जरूरी होता है। खेल एकदम ‘परफेक्ट’ होना जरूरी नहीं है, लेकिन सही समय पर सही चीजें होनी चाहिए। सेमीफाइनल में भारत की जीत तब लगभग तय हो गई थी जब ब्रूक ने सैमसन का कैच छोड़ दिया था। भारतीय टीम (Indian team) न्यूजीलैंड की ऐसी किसी भी गलती का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगी। भारत को अब तक टूर्नामेंट में किस्मत का साथ मिला है। अगर वह चैंपियन बनता है तो उन्हें सराहना मिलेगी लेकिन अगर हारता है तो फिर बवाल मच सकता है।
बुमराह के चार ओवर डालेंगे असर
बुमराह को छोड़कर भारतीय गेंदबाज अब तक इतने सफल नहीं रहे हैं। न्यूजीलैंड के लिए सबसे बड़ा खतरा ‘अहमदाबाद का सरदार’ (Sardar of Ahmedabad) यानी बुमराह होंगे। उनके चार ओवर एक बार फिर दोनों टीमों के बीच निर्णायक साबित हो सकते हैं। इंग्लैंड को सेमीफाइनल में इसका कड़वा अनुभव हुआ था। उन्हें ज्यादातर विपक्षी टीम की पारी के आखिर में इस्तेमाल किया जाता रहा है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह सेमीफाइनल में 33 गेंदों में 100 रन बनाने वाले एलन के खिलाफ गेंदबाजी की शुरुआत करेंगे या नहीं। अर्शदीप या हार्दिक की नई गेंद की लेंथ शायद बल्लेबाजी के लिए अधिक अनुकूल साबित हो सकती है। ऐसे में बुमराह को शुरू में गेंदबाजी के लिए बुलाना सही फैसला होगा क्योंकि वह दोनों तरफ स्विंग करा सकते हैं।
अभिषेक के पास आखिरी मौका
अभिषेक अभी तक अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उनको अंतिम एकादश में बनाए रखने पर सवाल उठ रहे हैं। उनकी तकनीकी खामियां उजागर हो गई हैं। अगर वह फाइनल खेलते हैं तो ऑफ-स्पिनर कोल मैककांकी (off-spinner Cole McConkey) को शुरू में ही गेंदबाजी के लिए बुलाया जा सकता है। अभिषेक के पास यह आखिरी मौका होगा। उन्हें शानदार फार्म में चल रहे संजू सैमसन के साथ मिलकर टीम को ठोस शुरुआत दिलानी होगी। ईशान को भी बड़ी पारी खेलनी होगी।
सूर्य का बल्ला भी नहीं चल रहा
सूर्यकुमार ने पिछले दो साल में टीम का बहुत अच्छी तरह से नेतृत्व किया है। भले ही एक बल्लेबाज के रूप में वह उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतर पाए हैं। उनके करियर के लिए यह मैच निर्णायक साबित होगा। अगर उनकी टीम खुशगवार मौसम में अच्छा प्रदर्शन करती है तो उनकी सारी नाकामियां पल भर में भुला दी जाएंगी।
चक्रवर्ती को दिखाना होगा दम
पिछले कुछ मैचों से फिरकी से बल्लेबाजों को परेशान करने में असफल रहने वाले चक्रवर्ती को भी दम दिखाना होगा। उन्हें न्यूजीलैंड के दाएं हाथ के बल्लेबाजों के सामने संघर्ष करना पड़ सकता है। अभी तक टूर्नामेंट में सिर्फ एक मैच खेलने वाले कुलदीप उनकी जगह पर अच्छे विकल्प हो सकते हैं। दुबे भी गेंद से प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं।
फिन-साइफर्ट से बचकर रहना होगा
भारत को शानदार फॉर्म में चल रहे फिन और साइफर्ट की सलामी जोड़ी से बचकर रहना होगा। इन दोनों के अलावा लॉकी फर्ग्यूसन या मैट हेनरी (Lockie Ferguson and Matt Henry) जैसे खिलाड़ी अपनी क्षमता से कहीं बेहतर प्रदर्शन करना जानते हैं। सेंटनर या फिलिप्स भी जानते हैं कि एक मजबूत टीम के खिलाफ किस तरह से चुनौती का सामना करना होता है। रचिन टीम के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं।
क्या इस बार थमेगा न्यूजीलैंड का विजयरथ
भारतीय टीम विश्व (Indian team) कप में न्यूजीलैंड को एक बार भी हरा नहीं पाई है। दोनों ने अब तक तीन मुकाबले खेले हैं सभी में कीवियों ने भारत टीम इंडिया का मात दी है। यह तीनों मुकाबले ग्रुप चरण में हुए। पहली बार दोनों टीमें नॉकआउट में एक दूसरे से टकराएंगी।पांच साल बाद टक्कर : दोनों टीमें पांच साल बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भिड़ेंगी। पिछली बार 2021 में दुबई में खेली थी जिसमें केन विलियम्सन की टीम ने कोहली की सेना को आठ विकेट से पराजित किया था। यह देखना होगा कि सूर्यकुमार न्यूजीलैंड में विश्व कप को हराने वाले पहले कप्तान बनते हैं या नहीं।
भारत पहली टीम
भारत चार बार टी-20 विश्व कप का फाइनल खेलने वाली पहली टीम बनेगी। टीम इससे पहले 2007 और 2024 में चैंपियन बनी थी जबकि 2014 में उपविजेता रही। इंग्लैंड, श्रीलंका और पाकिस्तान (England, Sri Lanka, and Pakistan) ने तीन-तीन बार फाइनल खेले हैं।


