परिवहन में लाएगा नई क्रांति, यात्रियों को मिलेगी वर्ल्ड क्लास सुविधा
अहमदाबाद : (Ahmedabad) अहमदाबाद के साबरमती में देश का पहला मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनकर तैयार (The country’s first multimodal transport hub has been completed in Sabarmati, Ahmedabad) हो गया है। यह अत्याधुनिक इमारत मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना का हिस्सा है और यात्रियों को रेलवे स्टेशन, मेट्रो, बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (BRTS) और बुलेट ट्रेन तक एक ही परिसर से पहुंचने की सुविधा देगा। इससे यात्रियों को निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी।
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) (The National High-Speed Rail Corporation Limited) ने इस हब में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी स्थान उपलब्ध कराया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन पर आधारित यह परियोजना भारत में परिवहन व्यवस्था को नया आयाम देने वाली है।
भवन का डिजाइन आधुनिकता और इतिहास दोनों का संगम (The building’s design blends modernity and history) है। इसके फ्रंट पर स्टेनलेस स्टील से बनी विशाल भित्ति चित्र साबरमती के ऐतिहासिक दांडी मार्च आंदोलन को दर्शाती है। हब के लैंडस्केप क्षेत्र को स्वदेशी पौधों और आकर्षक स्टेप गार्डन से सजाया गया है, जो इसकी सुंदरता को बढ़ाता है।
हब की तीसरी मंजिल पर बना कॉन्कोर्स फ्लोर यात्रियों के लिए सुविधाओं से लैस है। यहां प्रतीक्षालय, रिटेल शॉप्स, बड़ा फूड कोर्ट और रेस्टोरेंट मौजूद हैं। भवन के ऊपर दो ब्लॉक बनाए गए हैं। ब्लॉक ‘ए’ में छह मंजिला कार्यालय परिसर होगा जबकि ब्लॉक ‘बी’ में होटल की व्यवस्था की गई है। इस होटल में बैंक्वेट हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, स्विमिंग पूल और रेस्टोरेंट जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए हब में करीब 1300 वाहनों की पार्किंग क्षमता तैयार (Hub has a parking capacity for approximately 1,300 vehicles) की गई है। बसों, ऑटो, दुपहिया वाहनों और टैक्सियों के लिए अलग-अलग पिक एंड ड्रॉप लेन बनाई गई हैं, जिससे ट्रैफिक को व्यवस्थित रखने में आसानी होगी।
हब का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी कनेक्टिविटी (The Hub’s biggest attraction is its connectivity) है। बुलेट ट्रेन प्लेटफॉर्म महज 150 मीटर की दूरी पर होगा, जबकि रेलवे स्टेशन 300 मीटर, मेट्रो स्टेशन 700 मीटर और हवाई अड्डा 7 किलोमीटर की दूरी पर है। वहीं BRTS का स्टैंड भी केवल 150 मीटर की दूरी पर होगा। इस तरह एक ही स्थान से यात्रियों को सभी साधनों तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी।
कॉरपोरेशन के अनुसार यह हब ग्रीन बिल्डिंग मानकों पर (hub is based on green building standards) आधारित है। इसमें टैरेस पर सौर पैनल, ऊर्जा उपकरण, प्राकृतिक प्रकाश का उपयोग और विस्तृत लैंडस्केपिंग की गई है। इन सुविधाओं से ऊर्जा की खपत कम होगी और यात्रियों को प्राकृतिक बवातावरण का अनुभव मिलेगा। यह मल्टीमॉडल हब भारत की परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देगा और यात्रियों को जहां वर्ल्ड क्लास सुविधाएं प्रदान करेगा।


