
कोलकाता : (Kolkata) तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी (Trinamool Congress National General Secretary Abhishek Banerjee) के करीबी माने जाने वाले सुमित राय की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के डेबरा थाना में उनके खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों में नई प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में मेदिनीपुर के पूर्व विधायक सुजय हाजरा का नाम भी शामिल है।
पुलिस ने नई प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू कर दी है। सुमित राय (Sumit Rai) पहले से ही सालबनी थाना में दर्ज भूमि भ्रष्टाचार मामले में पुलिस की तलाश में हैं। उन पर जमीन से जुड़ी अनियमिततताओं तथा पार्टी का टिकट दिलाने के नाम पर वसूली के आरोप भी लगे हैं।
पुलिस ने पहले सुमित राय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट हासिल किया था और उनके फरार होने के बाद निगरानी सूचना भी जारी की गई थी। इसके बाद उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय (Calcutta High Court) में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया। हालांकि न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की अदालत ने उनकी याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। मामले की सुनवाई अभी लंबित है।
डेबरा थाना में दर्ज नई प्राथमिकी 16 जून की शिकायत पर आधारित है। शिकायतकर्ता प्रसेनजीत राय ने आरोप लगाया कि उन्हें और 11 अन्य लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का आश्वासन देकर धन लिया गया। शिकायत के अनुसार, सुजय हाजरा ने 12 सरकारी पदों पर नियुक्ति कराने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार से 3.5 लाख रुपये की मांग की थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि शुरुआत में कुल 12 लाख रुपये दिए गए। इसके बाद सुजय हाजरा ने उम्मीदवारों की मुलाकात डेबरा के एक होटल में आशिक नामक व्यक्ति से कराई। आशिक ने खुद को नवान्न का कर्मचारी बताया और कथित तौर पर उम्मीदवारों को खाद्य भवन तथा विकास भवन भी ले गया।
आरोप है कि कथित नियुक्ति प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों की चिकित्सकीय जांच भी कराई गई, लेकिन किसी को नौकरी नहीं मिली। शिकायतकर्ता के मुताबिक बाद में आशिक ने अतिरिक्त धन की मांग की और कहा कि यह राशि अभिषेक बनर्जी के सहयोगी तक पहुंचानी होगी।
प्रसेनजीत राय ने यह भी आरोप लगाया कि धन लेने के बाद आरोपितों ने असली नियुक्ति पत्र देने के बजाय नियुक्ति पत्रों की छायाप्रतियां उपलब्ध कराईं। जब उम्मीदवारों ने नौकरी या धनवापसी की मांग की तो उन्हें झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सालबनी भूमि भ्रष्टाचार मामले में हिरासत में लिए गए सुजय हाजरा से पूछताछ के दौरान सुमित राय का नाम सामने आया। इसके बाद डेबरा थाना में दर्ज मामले ने जांच को नया आयाम दे दिया है।
कई मामलों में नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियों (investigating agencies) के सुमित राय की तलाश तेज करने और कथित भर्ती गिरोह की विस्तृत जांच करने की संभावना है।





