
दो वर्षों से एक भी विद्यार्थी नामांकित न होने पर हुई कार्रवाई
प्रयागराज : (Prayagraj) माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (UP Board) ने प्रदेश के 465 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता समाप्त कर दी है। यह जानकारी गुरुवार को बोर्ड के सचिव भगवती सिंह (Board Secretary Bhagwati Singh) ने दी।
उन्होंने बताया कि यह र्कार्रवाई निर्धारित मानकों एवं मान्यता संबंधी शर्तों का अनुपालन न करने तथा लगातार दो वर्षों तक विद्यालयों में एक भी विद्यार्थी नामांकित न पाए जाने के आधार पर की गई है।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय (Recognition and Regulations) के तहत मान्यता प्राप्त थे। विभिन्न स्तरों पर कराई गई जांच एवं सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि इन विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावी रूप से संचालित नहीं हो रही थीं तथा निर्धारित मानकों का पालन भी नहीं किया जा रहा था।
बोर्ड ने कार्रवाई से पूर्व संबंधित विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया था। प्राप्त स्पष्टीकरणों का परीक्षण करने के बाद संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनकी मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह (Bhagwati Singh, Secretary of the Uttar Pradesh Secondary Education Council) ने बताया कि बोर्ड गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मान्यता प्राप्त सभी विद्यालयों के लिए निर्धारित मानकों एवं नियमों का पालन करना अनिवार्य है। जिन विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां संचालित नहीं हो रही थीं तथा लगातार दो वर्षों तक एक भी छात्र नामांकित नहीं था, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
उन्होंने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखना तथा शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना है।





