
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र के मुंबई की विशेष सीबीआई अदालत ने मंगलवार को कहा कि महाराष्ट्र के बहुचर्चित पवनराजे निंबालकर हत्याकांड मामले (Pawanraje Nimbalkar murder case) का फैसला 20 जून को सुनाया जाएगा। अदालत ने कहा कि स्टाफ की कमी की वजह से इस महत्वपूर्ण मामले का फैसला सुनाया जाना मुमकिन नहीं है। इस मामले के मुख्य आरोपित पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल (former minister Padmasingh Patil) सहित सभी नौ आरोपित आज अदालत में उपस्थित थे।
वर्तमान धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर (Dharashiv MP Omraje Nimbalkar) के पिता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काज़ी की 3 जून 2006 को नवी मुंबई के कलंबोली के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में उस समय के होम मिनिस्टर डॉ. पद्मसिंह पाटिल समेत 9 लोगों पर इस मर्डर को अंजाम देने का आरोप है। इस मामले में पद्मसिंह पाटिल को 2009 में गिरफ्तार किया गया था, बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। साथ ही इस मामले के सभी आरोपित जमानत पर हैं।
इस मामले की सुनवाई के दौरान सांसद ओम राजे निंबालकर अदालत में उपस्थित थे। अदालत की कार्रवाई पूरा होने के बाद ओम राजे निंबालकर (Om Raje Nimbalkar) ने पत्रकारों को बताया कि “मैंने अपनी जिंदगी में जिसके लिए लड़ाई लड़ी है, मुझे उम्मीद है कि इंसाफ़ का देवता इंसाफ़ करेगा। मुझे इंडियन जस्टिस सिस्टम पर भरोसा है। हम पिछले 20 सालों से यह लड़ाई लड़ रहे हैं। हम इंसाफ़ पाने के लिए लड़ रहे हैं। मैं दोनों लड़ाइयां आम लोगों के आशीर्वाद से लड़ रहा हूं। मैं राजे साहब की हत्या की वजह से पॉलिटिक्स में आया। यह हत्या एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी । मुझे अपने इंसाफ़ के देवता पर भरोसा है, दोषियों को फांसी होनी चाहिए, यही मेरी मांग है।”
मेरे पिता पवन राजे निंबालकर साहब और उनके ड्राइवर समद काज़ी की बेरहमी से हत्या को लगभग 20 साल हो गए हैं। हम, दोनों परिवार, अभी भी इंसाफ़ का इंतज़ार कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि जिन लोगों ने हमारे खून के रिश्ते को कलंकित किया है, उन्हें सज़ा मिलेगी। यह केस पॉलिटिकल पावर और पैसे के लालच में लोगों को गुलाम बनाने का केस है। यह उस सोच के खिलाफ लड़ाई है जो जान की कीमत नहीं समझती और खून के रिश्तों को मार देती है।





