
नई दिल्ली : (New Delhi) रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India’s) (RBI) की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) (MPC) की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक 3 से पांच जून तक होगी। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा पांच जून को नीतिगत निर्णय की घोषणा करेंगे।
विशेषज्ञों के मुताबिक, आरबीआई मुंबई में आयोजित होने वाली की इस बैठक में पश्चिमी एशिया संकट और भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रास्फीति की चिंताओं तथा रुपये पर दबाव के कारण रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर यथावत रख सकता है।
आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि एमपीसी से इस बार प्रमुख ब्याज दरों रेपो रेट में कोई बदलाव की उम्मीद नहीं जताई जा रही है। बढ़ती ऊर्जा कीमतों, कमजोर होते रुपये और आपूर्ति शृंखला में व्यवधान की वजह से आरबीआई अपने मुद्रास्फीति के अनुमान बढ़ा सकता है।
उल्लेखनीय है कि अप्रैल की मौद्रिक समीक्षा में आरबीआई ने पश्चिम एशिया संघर्ष के ऊर्जा आपूर्ति, महंगाई और आर्थिक वृद्धि पर प्रभाव का आकलन के लिए ‘देखो और इंतजार करो’ (wait-and-watch) का रुख अपनाते हुए रेपो रेट को 5.25 फीसदी अपरिवर्तित रखा था।


