spot_img

New Delhi : दो सप्ताह में चौथी बार बढ़ा सीएनजी का भाव

New Delhi: CNG Prices Hiked for the Fourth Time in Two Weeks

नई दिल्ली : (New Delhi) पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर पेट्रोलियम उत्पादों (petroleum products) का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को लगातार झेलना पड़ रहा है। सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी होने के अगले दिन ही आज सीएनजी (Compressed Natural Gas) की कीमत भी बढ़ा दी गई। आज सुबह छह बजे से ही सीएनजी दो रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो गई है। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में सीएनजी की कीमत 83.09 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। 15 मई के बाद से अभी तक की अवधि में सीएनजी की कीमत में चौथी बार बढ़ोतरी की गई है।

इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (Indraprastha Gas Limited) (IGL) की उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली से सटे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की कीमत 91.70 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है, जबकि गुरुग्राम में सीएनजी 88.12 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर मिल रही है। इसी तरह अजमेर में सीएनजी की कीमत बढ़ कर 92.44 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल पांच अप्रैल को सीएनजी की कीमत (CNG prices) में हुई लगभग एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी के बाद इस साल 15 मई को सीएनजी की कीमत में पहली बार दो रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी। इसके तीन दिन बाद 18 मई को सीएनजी की कीमत एक बार फिर एक रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ा दी गई, जबकि 23 मई को सीएनजी की कीमत में तीसरी बार एक रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई। वहीं, आज इसकी कीमत में दो रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हो गई है। मतलब दो सप्ताह से भी काम की अवधि में सीएनजी की कीमत में छह रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हो चुकी है।

माना जा रहा है कि सीएनजी की कीमत में हुई बढ़ोतरी से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र (Delhi-NCR region) में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की लागत पर असर पड़ सकता है। दिल्ली एनसीआर में बस, टैक्सी, ऑटोरिक्शा जैसे ज्यादातर कमर्शियल व्हीकल में सीएनजी का ही इस्तेमाल होता है। ऐसी स्थिति में सीएनजी की कीमत में हुई बढ़ोतरी का बोझ अब वाहन चालक या ट्रांसपोर्टर किराये में बढ़ोतरी कर यात्रियों पर डाल सकते हैं।

सीएनजी की कीमत में हुई इस बढ़ोतरी के लिए पश्चिम एशिया में जारी तनाव को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना जा रहा है। पेट्रोलियम उत्पादों की अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करता है। पश्चिम एशिया में तनाव शुरू होने के बाद से ही होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के रास्ते होने वाली गैस और पेट्रोल की सप्लाई काफी हद तक बाधित हुई है। इस तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल फ्यूल मार्केट भी बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। इसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल समेत तमाम पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत में जोरदार तेजी आ गई है।

होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करने वाले भारत जैसे कई देशों में इनकी सप्लाई तो प्रभावित हुई ही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार (international market) में इनकी कीमत में हुई बढ़ोतरी की वजह से भी इन देशों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण दुनिया भर के तमाम देशों में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। अन्य देशों की तरह ही भारत को भी महंगे आयत की वजह से हो रहे नुकसान का सामना करने के लिए पेट्रोल डीजल और प्राकृतिक गैस (petrol, diesel, and natural gas) जैसे पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत में बढ़ोतरी करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

Twisha Sharma Death Case : सीबीआई ने दर्ज की पति और सास पर नई एफआईआर

दहेज में 20 लाख मांगने की बातसीडीआर और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने पर आज अदालत में सुनवाईभोपाल : (Bhopal) अभिनेत्री और मॉडल ट्विशा शर्मा...

Explore our articles