
मुंबई : (Mumbai) दिग्गज अभिनेता शेखर सुमन (Veteran actor Shekhar Suman) ने मौजूदा बॉलीवुड और आज के फिल्मकारों की सोच पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हिंदी सिनेमा में अब वैसी मौलिकता और गंभीर सोच नहीं बची, जैसी पहले राज कपूर, गुरु दत्त और बिमल रॉय के दौर में देखने को मिलती थी। शेखर ने आरोप लगाया कि आज के निर्देशक सिर्फ हिट फॉर्मूलों की नकल करने में लगे हैं और रचनात्मकता लगातार खत्म होती जा रही है।
हाल ही में एक बातचीत के दौरान शेखर सुमन ने कहा कि तकनीकी रूप से भारतीय सिनेमा आज दुनिया में किसी से कम नहीं है, लेकिन मौलिकता के मामले में काफी पीछे रह गया है। उन्होंने कहा, “आज के एक्टर्स अपनी तय इमेज में बंधकर रह गए हैं और निर्माता-निर्देशक आर्थिक दबावों के कारण जोखिम लेने से डरते हैं। वे सिर्फ हिट फॉर्मूला फिल्मों पर निर्भर हो गए हैं।” शेखर ने आगे कहा कि आज के फिल्मकारों में के आसिफ, गुरु दत्त, बिमल रॉय और राज कपूर (K. Asif, Guru Dutt, Bimal Roy, and Raj Kapoor) जैसी ओरिजिनल सोच की कमी साफ नजर आती है।
अभिनेता ने कहा कि पुराने दौर की ‘मुगल-ए-आजम’, ‘गंगा जमना’, ‘कागज के फूल’, ‘प्यासा’ और ‘मेरा नाम जोकर’ जैसी फिल्में आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं, क्योंकि वे पूरी तरह मौलिक और भावनात्मक रूप से मजबूत थीं। उनके मुताबिक, आज फिल्मों को रचनात्मक रूप से खूबसूरत बनाने से ज्यादा उन्हें व्यावसायिक रूप से सफल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। बता दें कि शेखर सुमन इन दिनों अपने नए टॉक शो शेखर Tonight को (new talk show, Shekhar Tonight) लेकर भी चर्चा में हैं, जिसकी स्ट्रीमिंग हाल ही में शुरू हुई है।


