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Mumbai : रोहित शेट्टी हाउस फायरिंग केस: 1624 पन्नों की चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासे


Mumbai: Rohit Shetty House Firing Case—Sensational Revelations in 1,624-Page Chargesheet

मुंबई : (Mumbai) मुंबई में फिल्म जगत और गैंगस्टर्स के गठजोड़ व जबरन वसूली नेटवर्क को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला न्यायिक और पुलिसिया खुलासा हुआ है। फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी (film director Rohit Shetty) के घर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा विशेष मकोका (MCOCA) (MCOCA (Maharashtra Control of Organized Crime Act) कोर्ट में दाखिल की गई चार्जशीट ने सुरक्षा व्यवस्था और जेल प्रशासन की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मकोका कोर्ट में 1624 पन्नों का पुलिंदा
मुंबई क्राइम ब्रांच ने विशेष मकोका अदालत के समक्ष 1624 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट पेश की है। इसमें गवाहों के बयान, डिजिटल साक्ष्य, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट (हथियार और पैसा) की कड़ियाँ और बिश्नोई गैंग के कम्यूनिकेशन नेटवर्क का पूरा कच्चा चिट्ठा शामिल है।

पहली कोशिश: आखिरी वक्त पर घबरा गया था शूटर
जांच में सामने आया है कि यह हमला अचानक नहीं हुआ था, बल्कि इसकी पटकथा बहुत पहले लिखी जा चुकी थी। 20 जनवरी 2026 को मुख्य शूटर दीपक शर्मा (primary shooter, Deepak Sharma) पहली बार रोहित शेट्टी के घर की रेकी करने और फायरिंग के इरादे से पहुंचा था। वह लगभग 30 मिनट तक इलाके में मंडराता रहा। लेकिन आखिरी वक्त पर वह डर गया और गोली चलाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया, जिसके कारण वह बिना वारदात किए लौट गया। इस विफलता से गैंग को बड़ा झटका लगा था।

अनमोल बिश्नोई की फटकार और 1 फरवरी का ‘प्लान-बी’
पहली कोशिश नाकाम होने के तुरंत बाद अनमोल बिश्नोई (Anmol Bishnoi) ने शूटर दीपक शर्मा से संपर्क किया और मिशन अधूरा छोड़ने पर भारी नाराजगी जताते हुए उसे फटकार लगाई। इसके बाद दोबारा हमला करने की रणनीति तैयार की गई। 1 फरवरी 2026 को दूसरी बार फायरिंग के लिए यह तारीख तय की गई। इस बार आरोपियों ने भागने के रास्ते और हथियारों की मूवमेंट को लेकर अधिक मजबूत तैयारी की थी।

फायरिंग के दौरान वीडियो कॉल पर था संपर्क
चार्जशीट का सबसे हैरान करने वाला हिस्सा वारदात के दिन का है। पुलिस के अनुसार, जब शूटर फायरिंग कर रहे थे, तब अनमोल बिश्नोई लाइव वीडियो कॉल के जरिए उनसे जुड़ा हुआ था। वह लगातार शूटरों को गाइड कर रहा था और उनका हौसला बढ़ा रहा था। यह वीडियो कॉल शूटरों के मौके से फरार होने तक सक्रिय थी।

  1. जेल नेटवर्क और डिपोर्टेशन पर उठे सवाल
    इस खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं क्योंकि अनमोल बिश्नोई को 19 नवंबर 2025 को ही भारत डिपोर्ट (प्रत्यर्पण) किया जा चुका था और वह जेल में बंद था। जेल की सलाखों के पीछे होने के बावजूद वह किस तरह स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर रहा था और बाहर शूटरों के साथ लाइव वीडियो कॉल पर था, इसने कानून-व्यवस्था और जेल प्रशासन को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है।

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