
द हेग : (The Hague) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शनिवार को कहा कि दुनिया अभूतपूर्व चुनौतियों की एक श्रृंखला का सामना कर रही है। पहले कोरोना महामारी आई, फिर युद्ध शुरू हो गए और अब ऊर्जा संकट (COVID-19 pandemic, followed by the outbreak of wars, and now, an energy crisis looms) है। अपने पांच देशों के दौरे के हिस्से के तौर पर द हेग में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि आज, मानवता के सामने कई बड़ी चुनौतियां भी हैं। यह दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बनता जा रहा है।
वैश्विक विकास पर मंडरा रहा खतरा
प्रधानमंत्री ने आगाह किया कि इन चुनौतियों से तेजी से न निपटने पर वैश्विक विकास की उपलब्धियां खत्म हो सकती हैं और आबादी का एक बड़ा हिस्सा गरीबी में जा सकता है। मोदी ने कहा, अगर इन स्थितियों को तेजी से नहीं बदला गया, तो पिछले कई दशकों की उपलब्धियां खत्म हो जाएंगी और दुनिया की आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा गरीबी के दलदल में फंस जाएगी।
भारत-नीदरलैंड मजबूत सप्लाई चेन पर कर रहे काम
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड (India and the Netherlands) मिलकर एक भरोसेमंद, पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार सप्लाई चेन बनाने पर काम कर रहे हैं, ताकि वैश्विक रुकावटों से निपटा जा सके। मोदी ने कहा, ऐसे समय में दुनिया एक लचीली सप्लाई चेन के बारे में बात कर रही है। इसके लिए, भारत और नीदरलैंड भविष्य के लिए तैयार सप्लाई चेन स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत अवसरों की भूमि है। भारत प्रौद्योगिकी-प्रेरित भी है और मानवता-प्रेरित भी। भारत जितना प्राचीन है, उतना ही आधुनिक भी बनता जा रहा है।
‘भारत बड़े सपने देख रहा है’
द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत बड़े सपने देख रहा है और उसके युवा आसमान छूने की आकांक्षा रखते हैं। आज भारत कह रहा है कि हम सिर्फ बदलाव नहीं चाहते, हम सबसे अच्छा चाहते हैं, हम सबसे तेज चाहते हैं। इसीलिए जब भारत में असीमित आकांक्षाएं हैं, तो प्रयास भी असीमित होते जा रहे हैं। दर्शकों की तालियों के बीच अपने 40 मिनट से अधिक लंबे भाषण में पीएम ने कहा, आज का भारत एक अभूतपूर्व बदलाव के दौर से गुजर रहा है। आपने हाल ही में देखा होगा कि भारत ने दुनिया के सबसे बड़े और सबसे सफल एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। उससे पहले, भारत ने जी20 शिखर सम्मेलन की भी सफलतापूर्वक मेजबानी की थी। और यह कोई एक बार होने वाला कार्यक्रम नहीं था। यह अब आज के भारत का चरित्र बन गया है।
‘भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम’
मोदी ने भारत के स्टार्ट-अप इकोसिस्टम (world’s third-largest startup network) की सराहना करते हुए कहा कि भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप नेटवर्क है। आज भारत की आकांक्षाएं अब उसकी सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। भारत ओलंपिक की मेजबानी करना चाहता है। वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनना चाहता है, हरित ऊर्जा में एक अग्रणी देश के रूप में उभरना चाहता है, और दुनिया का विकास इंजन बनना चाहता है। यह याद दिलाते हुए कि 2014 में भारत में केवल चार यूनिकॉर्न थे, मोदी ने कहा कि अब भारत में लगभग 125 सक्रिय यूनिकॉर्न हैं। आज, हमारे स्टार्ट-अप एआई, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर रहे हैं। अनुसंधान और नवाचार की यह संस्कृति और भी अधिक व्यापक होती जा रही है।
लोकतंत्र और मतदान पर भी बोले मोदी
पीएम ने कहा कि भारत की आकांक्षा-संचालित यात्रा उसके लोकतंत्र को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने हाल ही में कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए बताया। मोदी ने कहा, इस बार, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में लगभग 80-90 प्रतिशत मतदान हुआ। महिलाओं की भागीदारी में भी काफी वृद्धि हुई, और यह रुझान हर राज्य में दिखाई दे रहा है। आज, भारत में मतदाता उत्साहित हैं। हमें गर्व महसूस होता है कि हर साल मतदान के रिकॉर्ड टूट रहे हैं।


