
डॉ. अल्का आर. पाटिल का विशेष व्याख्यान
मुंबई : (Mumbai) मुंबई विश्वविद्यालय के लिए यह ऐतिहासिक क्षण रहा, जब पहली बार उसके विधि विभाग के किसी प्रोफेसर को अमेरिका के प्रतिष्ठित कोलंबिया विश्वविद्यालय ने आमंत्रित किया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. अल्का आर पाटिल (Professor Dr. Alka R. Patil) ने डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में विशेष व्याख्यान देकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया।
मुंबई विश्वविद्यालय के विधि विभाग की प्रोफेसर डॉ. अल्का आर. पाटिल को अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय में डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की 135वीं जयंती (135th birth anniversary of Dr. Bhimrao Ramji Ambedkar) के उपलक्ष्य में विशेष व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया गया। डॉ. आंबेडकर, जो कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित पूर्व विद्यार्थियों में से एक थे, उनके सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. पाटिल ने बतौर अतिथि वक्ता अपनी विद्वत्तापूर्ण प्रस्तुति दी।
डॉ. पाटिल के व्याख्यान का शीर्षक “द कोलंबिया एलुम्नस हू बिल्ट द नेशन: डॉ. बी. आर. आंबेडकर” (The Columbia Alumnus Who Built the Nation: Dr. B. R. Ambedkar) था। इस व्याख्यान में उन्होंने डॉ. आंबेडकर की बौद्धिक यात्रा, उनके वैश्विक शैक्षणिक अनुभव और भारत के संविधान निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर प्रकाश डाला कि कोलंबिया विश्वविद्यालय में प्राप्त शिक्षा ने डॉ. आंबेडकर के लोकतंत्र, समानता और न्याय संबंधी विचारों को किस प्रकार आकार दिया।
डॉ. पाटिल ने इस अवसर पर कोलंबिया विश्वविद्यालय में मुंबई विश्वविद्यालय (University of Mumbai) का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने वाइस चांसलर (कुलपति) डॉ. रवींद्र कुलकर्णी, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. अजय भांबरे तथा रजिस्ट्रार डॉ. प्रसाद करांडे के सहयोग को विशेष रूप से सराहा, जिनके मार्गदर्शन और समर्थन से यह उपलब्धि संभव हो सकी।
इस अवसर को अपने शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए डॉ. पाटिल ने कहा कि वैश्विक मंच पर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करना और डॉ. आंबेडकर की स्थायी विरासत पर व्याख्यान देना उनके लिए एक अविस्मरणीय उपलब्धि है।


