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New Delhi : आरबीआई के नीतिगत हस्तक्षेप के बाद सुधरा रुपया

New Delhi: Rupee Recovers Following RBI Policy Intervention

डॉलर के साथ ही यूरो और पौंड की तुलना में भी आई तेजी
नई दिल्ली : (New Delhi)
भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India)(RBI) द्वारा रुपये की लगातार कीमतों को थामने के लिए नीतिगत हस्तक्षेप करने के बाद इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट (interbank foreign exchange market) में आज भारतीय मुद्रा रुपये ने आज शानदार रिकवरी करते हुए 1.22 रुपये की मजबूती के साथ 93.59 रुपये प्रति डॉलर के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। इसके पहले पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले अभी तक के सबसे निचले स्तर 94.85 रुपये प्रति डॉलर तक गिरने के बाद 94.81 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुई थी।

आज शुरुआती कारोबार में ही भारतीय मुद्रा सुधर कर 93.55 रुपये प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गई। इस तरह बाजार खुलने के कुछ देर बाद ही रुपये ने अभी तक के सबसे निचले स्तर से 1.30 रुपये की रिकवरी करने में सफलता हासिल की। हालांकि जैसे जैसे कारोबार आगे बढ़ा वैसे-वैसे रुपये की कमजोरी एक बार फिर बढ़ने लगी। सुबह 10:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद रुपया ओपनिंग लेवल से 71 पैसे टूट कर 94.30 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

मुद्रा बाजार के अभी तक कारोबार में रुपये ने डॉलर के साथ ही ब्रिटिश पौंड (British Pound) (GBP) और यूरो के मुकाबले भी मजबूत प्रदर्शन किया है। सुबह 10:30 बजे तक के कारोबार के बाद ब्रिटिश पौंड (British Pound) (GBP) की तुलना में रुपया 1.05 रुपये की मजबूती के साथ 125.07 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह सुबह 10:30 बजे तक कारोबार होने के बाद यूरो की तुलना में रुपया 63.97 पैसे की बढ़त के साथ 108.56 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India’s) (RBI) द्वारा डॉलर और रुपये के लेनदेन में सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगाने का कदम उठाने तथा डॉलर पर ऑनशोर लॉन्ग पोजीशंस को सीमित कर देने का निर्देश देने की वजह से आज भारतीय मुद्रा रुपये ने शुरुआती कारोबार के दौरान निचले स्तर से शानदार रिकवरी करने में सफलता हासिल की।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को ही भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों के लिए एक निर्देश जारी कर कहा था कि वे अगले दस अप्रैल तक हर कारोबारी दिन के अंत तक ऑनशोर मार्केट में नेट डॉलर-रुपी पोजिशन को दस करोड़ डॉलर तक सीमित रखें। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि नेट डॉलर-रुपी पोजिशन को सीमित करने से डॉलर की मांग में तेजी आने के बावजूद रुपये पर दबाव कम होने में मदद मिलेगी, जिससे भारतीय मुद्रा को कुछ सहारा मिल सकेगा।

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