
फडणवीस सरकार देगी 55 करोड़
मुंबई : (Mumbai) महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra government) ने साफ कर दिया है कि गरीबों और जरूरतमंदों के लिए चलाई जा रही शिव भोजन थाली योजना (Shiv Bhojan Thali scheme) को बंद नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis)ने अनुपूरक बजट में इस योजना के लिए 55 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल (Food and Civil Supplies Minister Chhagan Bhujbal) ने कहा कि यह आवंटन सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत किसी भी हाल में इस योजना के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
पहले भी मिल चुका है बजट समर्थन
वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार पहले ही 70 करोड़ रुपये मंजूर कर चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, योजना को पूरे साल सुचारू रूप से चलाने के लिए करीब 150 करोड़ रुपये की आवश्यकता होती है। नए प्रावधान से योजना को मजबूती मिलेगी।
अफवाहों पर लगा विराम
बीते कुछ समय से फंड की कमी के चलते योजना के बंद होने की चर्चाएं चल रही थीं। लेकिन बजट में 55 करोड़ रुपये के नए आवंटन से इन सभी अटकलों पर विराम लग गया है और लाभार्थियों को राहत मिली है।
कब और कैसे शुरू हुई योजना?
शिव भोजन थाली योजना की शुरुआत 26 जनवरी 2020 (January 26, 2020) को तत्कालीन सरकार द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के मजदूरों, छात्रों और बेसहारा लोगों को सस्ती दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
क्या मिलता है 10 रुपये में?
इस योजना के तहत केवल 10 रुपये में थाली दी जाती है, जिसमें दो रोटी, एक कटोरी सब्जी, एक कटोरी दाल और चावल शामिल होते हैं। यह भोजन रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित केंद्रों पर उपलब्ध कराया जाता है।
राज्यभर में 1,900 केंद्रों से सेवा
महाराष्ट्र में लगभग 1,900 केंद्रों के माध्यम (1,900 centers in Maharashtra) से रोजाना 1.7 लाख से अधिक थालियां परोसी जा रही हैं। हालांकि एक थाली की वास्तविक लागत शहरों में करीब 50 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 35 रुपये है, लेकिन शेष राशि सरकार सब्सिडी के रूप में केंद्र संचालकों को देती है।


