
नई दिल्ली : (New Delhi) पाकिस्तानी खिलाड़ियों को द हंड्रेड टूर्नामेंट (The Hundred tournament) की चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (England and Wales Cricket Board) (ECB) ने मंगलवार को यह स्पष्ट किया। हाल ही में ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई थीं कि भारत के स्वामित्व वाली कुछ फ्रेंचाइज़ियां राजनीतिक तनाव के कारण पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज कर सकती हैं।
बीबीसी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि आठ टीमों की इस प्रतियोगिता में शामिल चार भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइज़ियां — मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, साउदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स — अगले महीने होने वाली नीलामी में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर विचार नहीं कर रही हैं।
द हंड्रेड के आगामी सीज़न के लिए कुल 67 पाकिस्तानी खिलाड़ियों (63 men and 4 women) ने अपना नाम चयन हेतु पंजीकृत कराया है। ईसीबी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, “इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (England and Wales Cricket Board) तथा द हंड्रेड की सभी आठ फ्रेंचाइज़ियां इस बात की पुनः पुष्टि करती हैं कि यह प्रतियोगिता समावेशी, स्वागतयोग्य और सभी के लिए खुली रहेगी। सभी टीमें चयन केवल क्रिकेट प्रदर्शन, उपलब्धता और टीम की जरूरतों के आधार पर करेंगी।”
गौरतलब है कि कूटनीतिक तनाव के चलते पाकिस्तानी खिलाड़ी वर्ष 2009 के बाद से इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League since 2009) में हिस्सा नहीं ले पाए हैं। अब जब आईपीएल मालिक विभिन्न देशों की लीगों में भी टीमों के मालिक हैं, तो आशंका जताई जा रही थी कि अन्य टूर्नामेंटों में भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों के अवसर सीमित हो सकते हैं। द हंड्रेड की नीलामी 11 और 12 मार्च को लंदन में आयोजित की जाएगी।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन भी उन लोगों में शामिल रहे जिन्होंने इन अफवाहों के बाद ईसीबी से हस्तक्षेप की मांग की थी। वॉन ने कहा, “वे इस लीग के मालिक हैं और ऐसा होने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यदि क्रिकेट को देश का सबसे समावेशी खेल बनाना है, तो इस तरह की स्थिति स्वीकार्य नहीं हो सकती।”


