
नवी मुंबई : (Navi Mumbai) शहर की क्राइम ब्रांच (city’s crime branch) ने मासूम बच्चियों की जिंदगी को नर्क बनाने वाले एक गिरोह पर बिजली की तरह प्रहार किया है। सेक्टर 11 इलाके में 20 फरवरी को पुलिस ने एक ऐसा जाल बिछाया, जिसमें मासूमों का सौदा करने वाला दलाल खुद ही आकर फंस गया।
फर्जी ग्राहक बनकर पुलिस ने घेरा
पुलिस को गुप्त खबर मिली थी कि कोपरखैरणे का रहने वाला हरीश विकास छारी (25) (Harish Vikas Chari (25)) नाबालिग लड़कियों को गलत धंधे में धकेल रहा है। इस खबर की पुष्टि के लिए क्राइम ब्रांच ने एक ‘फर्जी ग्राहक’ तैयार किया और आरोपी को डील के लिए बुलाया। जैसे ही हरीश शिकार लेकर मौके पर पहुँचा, पहले से घात लगाकर बैठी पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया।
मासूमियत को किया गया आजाद
पुलिस ने इस छापेमारी के दौरान दो किशोरियों को आरोपी के चंगुल से छुड़ाया है, जिनकी उम्र महज 14 और 16 साल है। इन बच्चियों को जिस तरह से इस कीचड़ में घसीटा गया था, उसे जानकर पुलिस अधिकारी भी सन्न हैं। फिलहाल बच्चियों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है।
कानूनी ‘हंटर’ और सख्त धाराएं
सीबीडी पुलिस स्टेशन में आरोपी हरीश के खिलाफ पॉक्सो (POCSO), अनैतिक व्यापार रोकथाम कानून (PITA) और भारतीय न्याय (Sexual Offences (POCSO), the Prevention of Immoral Traffic (PITA) Act, and the Indian Penal Code) संहिता की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि इस घिनौने खेल में हरीश के साथ और कौन-कौन से ‘सफेदपोश’ शामिल हैं।


