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New Delhi : सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ क्लीन मैक्स एनवायरो का आईपीओ

New Delhi: Clean Max Enviro's IPO launched for subscription

नई दिल्ली : (New Delhi) कमर्शियल एंड इडस्ट्रियल रीन्यूएबल एनर्जी प्रोवाइडर (commercial and industrial renewable energy provider) क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड का 3,100 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 25 फरवरी तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 26 फरवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 27 फरवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर दो मार्च को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। दोपहर दो बजे तक कंपनी के इस आईपीओ को 0.32 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 1,000 से लेकर 1,053 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 14 शेयर का है। क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (Clean Max Enviro Energy Solutions Limited) के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को न्यूनतम एक लॉट यानी 14 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 14,742 रुपये का निवेश करना होगा। रिटेल इनवेस्टर्स इस आईपीओ में अधिकतम 13 लॉट यानी 182 शेयर के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 1,91,646 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत एक रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,94,39,695 शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 1,200 करोड़ रुपये के 1,13,96,011 नए शेयर और 1,900 करोड़ रुपये के 1,80,43,684 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (Qualified Institutional Buyers) (QIBs) के लिए 49.47 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 34.63 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (non-institutional investors) (NIIs) के लिए 14.84 प्रतिशत हिस्सा और एंप्लॉयीज के लिए 1.07 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (draft red herring prospectus) (DRHP) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 59.47 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 37.64 करोड़ रुपये रह गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी फायदे में आ गई। इस साल कंपनी को 19.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 19 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 960.98 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1,425.31 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 1,610.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 969.35 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 3,843.42 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 5,514.56 करोड़ रुपये और 2024-25 में 7,973.70 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर 10,121.46 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1,209.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 1,817.96 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 2,545.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 2,598.34 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation and Amortization) 2022-23 में 405.92 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 741.57 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 1,015.07 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 6378.85 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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