
कोलकाता : (Kolkata) पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल की राजनीति तेज हो गई है। इसी कड़ी में कुर्सियांग से पहली बार भाजपा विधायक बने बिष्णु प्रसाद शर्मा (Bishnu Prasad Sharma, a first-time BJP MLA from Kurseong) ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया है। कोलकाता स्थित टीएमसी मुख्यालय में शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु और उद्योग मंत्री शशि पांजा (Education Minister Bratya Basu and Industry Minister Shashi Panja) ने उन्हें आधिकारिक तौर पर पार्टी में शामिल कराया। पार्टी बदलते ही शर्मा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें उनके गोरखा भाई-बहनों ने चुना था, लेकिन भाजपा के झूठे वादों के कारण वे उनके लिए कुछ नहीं कर सके और जमीनी स्तर पर कोई असली काम नहीं हुआ।
गोरखालैंड की मांग और भाजपा से पुरानी बगावत
बिष्णु प्रसाद शर्मा हमेशा से ही अलग गोरखालैंड और उत्तर बंगाल राज्य की मांग के मुखर समर्थक (vocal supporter of the demand for a separate Gorkhaland and North Bengal state) रहे हैं। इस मांग पर कोई ठोस कदम न उठाने के कारण वे पहले भी कई बार अपनी पुरानी पार्टी भाजपा की खुलकर आलोचना कर चुके हैं और विधानसभा के बाहर प्रदर्शन भी कर चुके हैं। भाजपा से इसी नाराजगी के चलते उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी से बगावत करते हुए दार्जिलिंग सीट से खुद को ‘धरती का बेटा’ बताकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। हालांकि, उस चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली थी और भाजपा के राजू बिस्टा ने वह सीट जीत ली थी।


