
तारिक रहमान बने मुल्क का मुखिया
ढाका (Dhaka) : पड़ोसी देश बांग्लादेश में मंगलवार को एक नए युग की शुरुआत हुई। 17 साल का वनवास काटकर लौटे तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। यह पल बांग्लादेश के इतिहास (Bangladesh’s history) के लिए बेहद खास है, क्योंकि दशकों बाद वहां की राजनीति से ‘बेगमों’ (शेख हसीना और खालिदा जिया) का दबदबा खत्म हुआ है। ढाका के ‘जातीय संसद भवन’ (Jatiya Sangsad Bhavan) के साउथ प्लाजा में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने तारिक रहमान को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण से पहले ही बीएनपी (BNP) संसदीय दल ने उन्हें अपना नेता चुन लिया था।
35 साल बाद मिला ‘पुरुष प्रधानमंत्री’
बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास (Bangladesh’s political history) में यह एक बड़ा बदलाव है। पिछले 35 सालों से बांग्लादेश की सत्ता या तो शेख हसीना के पास थी या तारिक रहमान की मां खालिदा जिया के पास। तारिक रहमान 35 साल में बांग्लादेश के पहले पुरुष प्रधानमंत्री (Bangladesh’s first male Prime Minister) बने हैं। वे पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे हैं।
भारत की ओर से ओम बिरला हुए शामिल
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) ने मंगलवार को ढाका में नई बांग्लादेश सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के बाद नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की। इस बात की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके दी। बिरला ने एक्स पर लिखा कि नई बांग्लादेश सरकार (Bangladesh government) के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर खुशी हुई। भारत हमेशा बांग्लादेश के लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी राष्ट्र बनाने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है। मुलाकात के दौरान, बिरला ने रहमान को पद ग्रहण की बधाई दी और उन्हें भारत आने का निमंत्रण भी दिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से भेजे गया पत्र भी तारिक रहमान को सौंपा। दोनों नेताओं ने भारत और बांग्लादेश के लोगों के भले के लिए मिलकर काम करने की आशा व्यक्त की। बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने बताया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को अपनी शुभकामनाएं भेजी। उन्होंने कहा कि दोनों नेता “जनकेंद्रित सहयोग के तहत भारत और बांग्लादेश के लोगों के कल्याण के लिए मिलकर काम करने के लिए आशावादी हैं।
चुनाव में मिली ‘बंपर’ जीत
12 फरवरी को हुए आम चुनावों में तारिक रहमान की पार्टी (Tariq Rahman’s party) BNP ने एकतरफा जीत हासिल की है। कुल 300 सीटों वाली संसद में BNP ने अकेले 151 से ज्यादा सीटें जीतीं। बीएनपी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल 212 सीटों पर कब्जा जमाया। तारिक रहमान अब अगले 5 साल तक प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करेंगे।
तारिक रहमान की नई कैबिनेट
तारिक रहमान की नई कैबिनेट में 25 मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिसमें अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों और अल्पसंख्यक समुदाय को भी जगह दी गई है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान (Prime Minister Tariq Rahman) ने अपनी कैबिनेट में संतुलन बनाने की कोशिश की है। मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को स्थानीय सरकार या किसी बड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है, जबकि अमीर खसरू महमूद चौधरी को फिर से वाणिज्य मंत्रालय मिल सकता है। सलाहुद्दीन अहमद का नाम गृह मंत्रालय के लिए प्रमुखता से लिया जा रहा है। IMF के पूर्व अर्थशास्त्री डॉ. रजा किबरिया को वित्त मंत्रालय सौंपे जाने की संभावना है, वहीं हुमायूं कबीर को विदेश मंत्रालय और मोहम्मद असदुज्जमान को विधि मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
अल्पसंख्यक समुदायों को प्रतिनिधित्व
तारिक रहमान ने अपनी कैबिनेट में विविधता का संदेश देते हुए दो प्रमुख अल्पसंख्यक नेताओं को शामिल किया है। हिंदू समुदाय के वरिष्ठ वकील निताई रॉय चौधरी को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि बौद्ध चकमा समुदाय से आने वाले दीपेन दीवान को भी मंत्रिपरिषद में स्थान दिया गया है। तारिक रहमान ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता देश में कानून-व्यवस्था की बहाली और व्यापक संवैधानिक सुधार सुनिश्चित करना होगी।


