
नई दिल्ली : (New Delhi) श्रीनगर पुलिस और एनआईए (NIA) (National Investigation Agency) की संयुक्त जांच में एक कथित आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, ‘अंसार अंतरिम’ (Ansar Antarim) नाम से सक्रिय इस समूह के कुछ सदस्य पेशे से डॉक्टर थे। जांच में दावा किया गया है कि दिल्ली के लाल किला (bomb blast near Delhi’s Red Fort) के पास हुए बम धमाके के पीछे इसी मॉड्यूल का हाथ था।
2022 में रखी गई थी नींव
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, इस नेटवर्क की शुरुआत अप्रैल 2022 में श्रीनगर के ईदगाह इलाके में एक कथित गुप्त बैठक से हुई। बैठक में डॉक्टर मुजमिल गनी, उमर-उन-नबी और अदील राथर (Dr. Muzamil Ghani, Umar-un-Nabi, and Adeel Rather) सहित अन्य लोग शामिल थे। यहीं ‘अंसार अंतरिम’ के गठन का निर्णय लिया गया। एजेंसियों के अनुसार, अदील को मॉड्यूल का प्रमुख और मौलवी इरफान को डिप्टी प्रमुख बनाया गया था। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि समूह का उद्देश्य कश्मीर के अलावा अन्य बड़े शहरों को भी निशाना बनाना था।
यूनिवर्सिटी के पास किराए के कमरे में ट्रेनिंग
जांच में सामने आया है कि मॉड्यूल के सदस्य ऑनलाइन वीडियो और मैनुअल की मदद से IED और TATP जैसे विस्फोटक बनाने की जानकारी जुटा रहे थे। मुख्य आरोपी डॉक्टर उमर (जिसकी मृत्यु हो चुकी है) पर हरियाणा के फरीदाबाद और नूंह से विस्फोटक सामग्री जुटाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि उसने फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पास एक किराए का कमरा लिया था, जहां से कथित गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
10 नवंबर को हुआ धमाका
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी किसी भीड़भाड़ वाले इलाके या धार्मिक स्थल को निशाना बनाने की योजना बना रहा था। श्रीनगर में एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी और विस्फोटक बरामदगी के बाद कथित तौर पर घबराहट में 10 नवंबर को लाल किले (Red Fort on November 10) के बाहर समय से पहले धमाका कर दिया गया। इस घटना में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हुई थी। हालांकि, मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
पोस्टर से शुरू हुई जांच
बताया जा रहा है कि अक्टूबर 2023 में श्रीनगर के बाहरी इलाकों में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर मिलने के बाद जांच तेज हुई। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय गिरफ्तारियों के आधार पर एजेंसियों ने मॉड्यूल की परतें खोलनी शुरू कीं। एनआईए अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है, ताकि इसके अन्य संभावित लिंक और सहयोगियों का पता लगाया जा सके।


