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Thiruvananthapuram : केरल बना शहरी नीति बनाने वाला देश का पहला राज्य

Thiruvananthapuram: Kerala becomes the first state in the country to formulate an urban policy

2050 तक का रोडमैप तैयार
तिरुवनंतपुरम : (Thiruvananthapuram)
केरल देश का पहला राज्य बन गया है जिसने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक शहरी नीति तैयार की है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (state cabinet chaired by Chief Minister Pinarayi Vijayan) की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस नीति को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य वर्ष 2050 तक राज्य के शहरी विकास को वैज्ञानिक, समावेशी और जलवायु-अनुकूल दिशा देना है।

2050 तक शहरी विकास का रोडमैप

नई नीति के तहत केरल के शहरों को इस तरह विकसित करने की योजना है कि वे जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना कर सकें। सरकार का अनुमान है कि 2050 तक राज्य की करीब 80 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रह सकती है, ऐसे में संतुलित और टिकाऊ विकास पर विशेष जोर दिया गया है।

दो साल की मेहनत से बनी नीति

इस शहरी नीति को स्थानीय स्वशासन विभाग ने करीब दो साल की मेहनत के बाद तैयार किया है। इसकी घोषणा पहली बार 2023-24 के बजट में की गई थी। दिसंबर 2023 में केरल शहरी नीति आयोग (Kerala Urban Policy Commission) का गठन किया गया था, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल थे।

वैश्विक सम्मेलन से मिले सुझाव शामिल

आयोग ने मार्च 2025 में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी। इसके बाद सितंबर 2025 में कोच्चि में एक वैश्विक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश के मंत्रियों, मेयरों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन में मिले सुझावों को अंतिम नीति में शामिल किया गया।

समावेशी और विकेंद्रीकृत विकास पर जोर

नीति का लक्ष्य केवल इमारतों और सड़कों का विस्तार नहीं है, बल्कि ऐसे शहरों का निर्माण करना है जो सामाजिक रूप से समावेशी हों और सभी वर्गों को समान अवसर दें। विकेंद्रीकृत शासन प्रणाली और जनभागीदारी को इसकी आधारशिला बनाया गया है।

पर्यावरण और बुनियादी ढांचे पर फोकस

इस नीति में पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों में वैज्ञानिक ढंग से शहरी विकास, कानून व संस्थागत सुधार, मजबूत शासन संरचना, नागरिकों पर केंद्रित सेवाएं और आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है।

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