
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डा. मनसुख मांडविया (Union Minister of Labor and Employment, Dr. Mansukh Mandaviya) ने गुरुवार को औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक, 2026 को विचार और पास करने के लिए लोकसभा में पेश किया। यह विधेयक इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड, 2020 में बदलाव करेगा। इस विधेयक पर सदन में चर्चा शुरू हो गई है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक, 2026 पेश किया। इसको पेश करने का उद्देश्य 2020 के औद्योगिक संबंध संहिता में किए गए कुछ बदलावों की निरंतरता को लेकर भविष्य में होने वाली अनावश्यक जटिलताओं से बचने के उपाय करना है। उन्होंने सदन को बताया कि औद्योगिक संबंध कोड, 2020 को 28 सितंबर, 2020 को संसद ने पारित किया था। इस कोड के लागू होने से पहले ट्रेड यूनियन अधिनियम (Trade Unions Act), 1926, औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946; और औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 प्रभावी थे।
इन तीनों पुराने कानूनों को समाहित कर एकीकृत रूप में यह नया कोड लाया गया है। लोकसभा में पेश औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक, 2026 के उद्देश्यों और कारणों के विवरण के अनुसार औद्योगिक संबंध संहिता (Industrial Relations Code), 2020, ट्रेड यूनियन अधिनियम 1926, औद्योगिक रोजगार (स्थायी आदेश) अधिनियम, 1946 और औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 का स्थान लेती है, जो ट्रेड यूनियनों, औद्योगिक इकाइयों में रोजगार और औद्योगिक विवादों से संबंधित है।


