
सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी होगी जांच
नई दिल्ली : (New Delhi) सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 12 जून 2025 (Air India plane crash of June 12, 2025) को हुए दर्दनाक एयर इंडिया विमान हादसे की जांच को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत (Chief Justice Surya Kant) की अध्यक्षता वाली पीठ ने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) (Aircraft Accident Investigation Bureau)को आदेश दिया है कि वह अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट तीन सप्ताह के भीतर पेश करे। कोर्ट ने न केवल जांच की प्रगति पूछी है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि क्या जांच के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानकों और प्रक्रियात्मक प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया है।
जांच का अंतिम चरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता (Solicitor General Tushar Mehta)ने कोर्ट को सूचित किया कि AAIB की जांच अब अपने अंतिम चरण में है। चूंकि इस हादसे के कुछ तकनीकी पहलुओं की जांच विदेशों में की जानी अनिवार्य है, इसलिए इसमें थोड़ा समय लगा है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि आगामी तीन सप्ताह में रिपोर्ट को एक सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जाएगा। इस रिपोर्ट के साथ एक हलफनामा (एफिडेविट) भी होगा, जो अब तक अपनाई गई पूरी प्रक्रिया का विवरण देगा।
बोइंग 787 की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
याचिकाकर्ता ‘सेफ्टी मैटर्स फाउंडेशन’ की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण (Senior lawyer Prashant Bhushan) ने विमान की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि बोइंग 787-8 मॉडल के साथ पहले भी ऐसी ही घटनाएं हो चुकी हैं और लगभग 8,000 पायलटों का मानना है कि यह विमान सुरक्षित नहीं है। भूषण ने मांग की कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इन विमानों को ‘ग्राउंड’ (उड़ान पर रोक) कर देना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि इतनी बड़ी त्रासदी के लिए केवल AAIB की जांच पर्याप्त नहीं है और एक स्वतंत्र समानांतर जांच होनी चाहिए।


