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New Delhi : केंद्रीय बजट एमएसएमई और स्वदेशी पर आधारित वैश्विक प्रतिस्पर्धा का रोडमैप : खंडेलवाल

New Delhi: Union Budget a Roadmap for Global Competitiveness Based on MSMEs and Indigenous Products: Khandelwal

नई दिल्‍ली : (New Delhi) चांदनी चौक से सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (Confederation of All India Traders) (CAIT) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल (Praveen Khandelwal) ने केंद्रीय बजट को उच्च आकांक्षाओं और दूरदर्शी सोच वाला दस्तावेज बताया है। उन्होंने केंद्रीय बजट को एमएसएमई और स्वदेशी पर आधारित वैश्विक प्रतिस्पर्धा का रोडमैप बताते हुए कहा कि यह बजट देश के घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से भारत को एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने के संकल्प को मजबूत करता है।

खंडेलवाल ने सोमवार को नई दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यह पहली बार है, जब सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (Micro, Small and Medium Enterprises) (MSME) क्षेत्र को बजट के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने केंद्रीय बजट को विकसित भारत @2047 के लिए एक साहसिक, विकासोन्मुख और व्यापार-अनुकूल रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट स्वदेशी और वैश्विक बाजारों के बीच यह तालमेल भारतीय उत्पादों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों (new international markets) में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा के साथ पहुंचने में मदद करेगा। कैट महामंत्री ने 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सरकार की यह मंशा साफ झलकती है कि वह एमएसएमई को देश की दीर्घकालिक विकास और निर्यात योजनाओं से जोड़ना चाहती है।

उन्होंने कहा कि सरकार की यह योजना तीन मजबूत आधारों—इक्विटी सहयोग, बेहतर तरलता और पेशेवर मार्गदर्शन पर आधारित है, जो एमएसएमई को आगे बढ़ने में पूरी मदद करेगी। खंडेलवाल ने बताया कि इक्विटी सहयोग, कर्ज के विपरीत, उद्यमों को बिना तत्काल किस्तों के दबाव के तकनीक में निवेश, उत्पादन विस्तार और निर्यात बाजार तलाशने का अवसर देता है। खंडेलवाल ने यह भी कहा कि जब वैश्विक मांग अस्थिर है और वित्तीय लागत अधिक है, तब ऐसे कदम एमएसएमई के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्‍होंने 2,000 करोड़ रुपये की आत्मनिर्भर भारत फंड में अतिरिक्त राशि से तेजी से बढ़ने वाले एमएसएमई बिना बैलेंस शीट दबाव के विस्तार कर सकेंगे।

एमएसएमई के लिए पूंजी प्रवाह को तेज करने वाले सुधार को रेखांकित करते हुए खंडेलवाल ने पूंजी प्रवाह को तेज करने के लिए किए गए कई सुधारों का स्वागत किया। कॉरपोरेट मित्र योजना (Corporate Mitra scheme) पर उन्होंने कहा कि यह योजना अनुपालन को आसान बनाकर व्यापारिक माहौल में बड़ा बदलाव लाएगी।इसके तहत पेशेवर संस्थान छोटे-छोटे प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार करेंगे, जिनसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में प्रमाणित ‘कॉरपोरेट मित्र’ (Corporate Mitras) तैयार होंगे।ये प्रशिक्षित प्रोफेशनल्स एमएसएमई को कम लागत पर अनुपालन संबंधी सहायता देंगे, जिससे छोटे व्यवसायों का समय और खर्च दोनों कम होगा।

एमएसएमई के लिए मजबूत वित्तीय समर्थन हेतु बजट प्रस्तावों को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने एमएसएमई के लिए बढ़ाए गए बजटीय प्रावधानों का स्वागत किया। कस्टम ड्यूटी में कमी का जिक्र करते हुए खंडेलवाल ने कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी में कटौती और युक्तिकरण की सराहना करते हुए कहा कि इससे उत्पादन लागत घटेगी, भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि 5,98,520 करोड़ रुपये का लॉजिस्टिक क्षेत्र में आवंटन माल ढुलाई को तेज, सस्ता और प्रभावी बनाएगा। इसमें हरित माल गलियारे, तेज क्लीयरेंस और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े लॉजिस्टिक्स पर विशेष जोर दिया गया है।

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