
नई दिल्ली : (New Delhi) भाजपा और आरएसएस पर कथित अपमानजनक बयान के मामले में दिल्ली के राऊज एवेन्यू सेशंस कोर्ट (Rouse Avenue Sessions Court in Delhi) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को नोटिस जारी किया है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से ट्रायल कोर्ट ने इनकार कर दिया था, जिसे चुनौती देने वाली याचिका पर स्पेशल जज जीतेंद्र सिंह (Special Judge Jitendra Singh) ने मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को करने का आदेश दिया है।
दरअसल, 13 दिसंबर, 2024 को तीस हजारी के मजिस्ट्रेट कोर्ट (Tis Hazari Magistrate Court) ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से इनकार कर दिया था। मल्लिकार्जुन खरगे राज्यसभा के सांसद हैं, इसलिए उनके खिलाफ अब राऊज एवेन्यू स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में याचिका दायर की गई है। यह याचिका आरएसएस के सदस्य रविंद्र गुप्ता ने दायर की है। याचिका में कहा गया है कि मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने 27 अप्रैल, 2023 को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा और आरएसएस के बारे में अपमानजनक बयान दिए। याचिका में कहा गया है कि खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। बाद में उन्होंने प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि आरएसएस और भाजपा के खिलाफ बयान दिया था।
याचिकाकर्ता की ओर से वकील गगन गांधी (Advocate Gagan Gandhi) ने कहा कि आरएसएस के सदस्य होने के नाते याचिकाकर्ता मल्लिकार्जुन खरगे के बयानों से आहत है। इस मामले में कोर्ट ने सब्जी मंडी पुलिस थाने को एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। सब्जी मंडी थाने की पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बयान कर्नाटक में दिए गए हैं और वो सब्जी मंडी थाने के क्षेत्राधिकार में नहीं आता है।
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कहा कि अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत कोर्ट का विशेषाधिकार ये देखना नहीं है कि अपराध संज्ञेय है या नहीं बल्कि ये देखना है कि पुलिस की जांच की जरुरत है या नहीं। इसलिए एफआईआर देने की इजाजत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए याचिकाकर्ता को शिकायत के पक्ष में साक्ष्य पेश करने का निर्देश दिया।


